Summer express/शिमला/संजू-: कोटखाई क्षेत्र की रत्नाड़ी पंचायत से जुड़ी विभिन्न विकासात्मक मांगों और लंबित कार्यों को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों के एक दल ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मुलाकात की। पंचायत प्रधान सुनील ठाकुर की अगुवाई में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को मंत्री के समक्ष रखते हुए इनके शीघ्र समाधान की मांग की।
बैठक के दौरान सबसे प्रमुख मुद्दा क्षेत्र की सड़कों का रहा.प्रतिनिधिमंडल ने सेब सीजन को देखते हुए रत्नाड़ी क्षेत्र की सड़कों की हालत जल्द सुधारने का आग्रह किया। खासतौर पर सुंदरनगर रोड के अधूरे कार्य को जल्द पूरा करने की मांग उठाई गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि नाबार्ड के अंतर्गत स्वीकृत सुंदरनगर सड़क का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। सड़क की खराब स्थिति के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ बागवानों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से मांग की कि सेब सीजन शुरू होने से पहले सुंदरनगर रोड पर शेष मैटलिंग और टायरिंग का कार्य पूरा करवाया जाए। साथ ही, सड़क निर्माण के लिए शेष राशि जल्द जारी करने का आग्रह किया गया, ताकि सेब की ढुलाई के दौरान बागवानों को परेशानी न हो और उनकी फसल समय पर मंडियों तक पहुंच सके।इसके अलावा रत्नाड़ी पंचायत में फॉरेस्ट रेस्ट हाउस बनाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। प्रतिनिधियों का कहना था कि क्षेत्र में वन विभाग से संबंधित गतिविधियां होने के कारण यहां अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही रहती है। ऐसे में फॉरेस्ट रेस्ट हाउस की सुविधा क्षेत्र के लिए उपयोगी साबित होगी। वन क्षेत्र से जुड़ी अन्य समस्याओं और आवश्यक सुविधाओं पर भी चर्चा की गई।प्रतिनिधिमंडल में पंचायत उपप्रधान यशपाल भोलटा, सुंदरनगर वार्ड सदस्य विजय, गांधी नगर वार्ड सदस्य हीरा सिंह, रत्नाड़ी के वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता लायक राम औस्टा तथा जुब्बल-नावर-कोटखाई ब्लॉक अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष हरिदत्त सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सुंदरनगर रोड की मैटलिंग और टायरिंग तथा अन्य जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों में अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे।