Summer express /शिमला, संजू-:पुरानी पेंशन योजना यानी OPS की बहाली और आउटसोर्स कर्मचारियों के समायोजन की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने बुधवार को शिमला में जोरदार प्रदर्शन किया। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी एवं अभियंता संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदेशभर से कर्मचारी शिमला पहुंचे। कर्मचारियों ने पहले कुमार हाउस स्थित बिजली बोर्ड कार्यालय तक रैली निकाली और इसके बाद चौड़ा मैदान में एकजुट होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि उनकी प्रमुख मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
शिमला का चौड़ा मैदान बुधवार को बिजली बोर्ड कर्मचारियों की आवाज से गूंज उठा। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे बिजली बोर्ड के नियमित कर्मचारी, आउटसोर्स कर्मी और इंजीनियरिंग विंग से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि पुरानी पेंशन योजना उनकी लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांग है। इसके साथ ही वर्षों से बिजली बोर्ड में सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उन्हें बोर्ड में समायोजित करने की मांग भी उठाई गई।
कर्मचारी नेताओं ने सरकार से आग्रह किया कि बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को भी अन्य सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। उनका तर्क है कि बिजली बोर्ड के गठन और पुराने पेंशन नियमों के तहत कर्मचारियों को पेंशन का अधिकार प्राप्त था, ऐसे में उन्हें OPS के दायरे से बाहर रखना उचित नहीं है।HPSEB एंप्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नीतीश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिस तरह अन्य कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की है, उसी तर्ज पर बिजली बोर्ड के करीब 9 हजार कर्मचारियों के लिए भी OPS बहाल की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड कर्मचारी कोई नई सुविधा नहीं मांग रहे, बल्कि अपने पुराने अधिकार की बहाली की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के करीब डेढ़ लाख कर्मचारियों को OPS का लाभ दिया जा चुका है, तो बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को इससे अलग क्यों रखा जा रहा है।
नीतीश भारद्वाज ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में हड़ताल सहित बड़े आंदोलन का निर्णय लिया जा सकता है।
वहीं, HPSEB एंप्लाइज यूनियन के संयोजक हीरालाल वर्मा ने कहा कि बिजली बोर्ड कर्मचारियों की कई मांगें सरकार के समक्ष हैं, लेकिन OPS की बहाली सबसे अहम मुद्दा है। उन्होंने दावा किया कि कर्मचारी पिछले करीब ढाई से साढ़े तीन वर्षों से पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड में कर्मचारियों की संख्या लगातार कम हुई है, जिसका असर बोर्ड के कामकाज और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सेवाओं पर भी पड़ रहा है।हीरालाल वर्मा के मुताबिक, कभी करीब 43 हजार कर्मचारियों वाला बिजली बोर्ड अब लगभग 13 हजार नियमित कर्मचारियों और करीब 3 हजार आउटसोर्स कर्मियों के सहारे चल रहा है। उन्होंने बोर्ड में हजारों पद खाली होने का दावा करते हुए सरकार से जल्द नई भर्तियां शुरू करने की मांग की। उनका कहना है कि पर्याप्त संख्या में कर्मचारी नहीं होने से बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।बिजली बोर्ड कर्मचारियों ने सरकार से OPS बहाली, खाली पदों पर भर्ती और आउटसोर्स कर्मियों के समायोजन को लेकर जल्द ठोस नीति बनाने की मांग की है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।