Summer express/शिमला/संजू -: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया के बीच किन्नौर जिले में बड़ा फैसला लिया गया है। कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर किन्नौर जिला कांग्रेस कमेटी के साथ-साथ कल्पा, निचार और पूह ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। इस संबंध में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। हालांकि, जिला कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी को उनके पद पर बरकरार रखा गया है। इस फैसले के बाद किन्नौर की कांग्रेस राजनीति में एक बार फिर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।प्रदेश कांग्रेस संगठन महासचिव विनोद जिंटा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की हिमाचल प्रभारी रजनी पाटिल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार की मंजूरी के बाद यह निर्णय लिया गया है। आदेश में किन्नौर जिला कांग्रेस कमेटी के अलावा जिले के तीनों ब्लॉक संगठनों को भंग करने की जानकारी दी गई है। पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आने वाले समय में जिला और सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों का नए सिरे से गठन किया जाएगा।
किन्नौर में यह संगठनात्मक बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ समय से राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी के बीच राजनीतिक मतभेदों की चर्चाएं लगातार सामने आती रही हैं। संगठन से जुड़े कई मुद्दों पर दोनों नेताओं के अलग-अलग रुख की बात सार्वजनिक तौर पर भी होती रही है। ऐसे में जिला और ब्लॉक कमेटियों को भंग किए जाने के फैसले को किन्नौर की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है।बताया जा रहा है कि मंत्री जगत सिंह नेगी की ओर से जिला कांग्रेस संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर समय-समय पर नाराजगी जताई जाती रही है। वहीं, जिला कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी अपने स्तर पर संगठन को सक्रिय रखने और पार्टी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में जुटे रहे हैं। दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच भी संगठनात्मक मुद्दों को लेकर मतभेद की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में होती रही हैं।हालांकि, हाईकमान के ताजा फैसले में निगम भंडारी को जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद से नहीं हटाया गया है। इसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। जिला और ब्लॉक कमेटियों को भंग करने के बावजूद जिला अध्यक्ष को जिम्मेदारी पर बनाए रखने से पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल संगठन के शीर्ष स्तर पर निरंतरता कायम रखने का संकेत दिया है।अब सभी की नजरें किन्नौर में होने वाले नए संगठनात्मक गठन पर टिकी हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए सिरे से जिला और ब्लॉक स्तर पर पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि नई कमेटियों में किन नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी मिलती है और संगठन में विभिन्न गुटों के बीच संतुलन किस तरह साधा जाता है।हाईकमान के इस निर्णय से किन्नौर कांग्रेस में आने वाले दिनों में संगठनात्मक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है। नई कमेटियों के गठन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पार्टी नेतृत्व जिले में संगठन को किस दिशा में आगे बढ़ाता है और स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच चल रही खींचतान को किस तरह नियंत्रित किया जाता है।