समर न्यूज | चंडीगढ़
पंजाब में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर चल रहा सात दिन का किसान आंदोलन सोमवार को समाप्त हो गया। पंजाब सरकार की ओर से प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसान नेताओं ने मोर्चा खत्म करने का ऐलान किया। किसान एक सितंबर से जगतपुरा के पास धरने पर बैठे थे। आंदोलन में 32 किसान संगठनों की भागीदारी रही। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने किसान प्रतिनिधियों को सरकार की ओर से लिखित आश्वासन सौंपा।
किसान संगठनों ने अपना धरना समाप्त करने का फैसला लिया। सरकार की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन के मुताबिक पंजाब सरकार एक महीने के भीतर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। इस सत्र में किसानों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर प्रस्ताव पारित कर उन्हें केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इनमें दशकों पुराने जल बंटवारे से जुड़े कथित असंवैधानिक समझौतों पर पुनर्विचार की मांग, पंजाब पुनर्गठन अधिनियम की धाराओं 78, 79 और 80 को रद्द कर राज्य के नदी तटीय अधिकार बहाल करने, डैम सेफ्टी एक्ट को निरस्त करने और सीड बिल-2025 को वापस लेने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि भगवंत मान सरकार किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। सात दिन का यह मोर्चा समाप्त होने के बावजूद पंजाब में किसानों के सभी संगठन एक मंच पर नहीं हैं। भाकियू (एकता उगराहां) ने नदी जल से जुड़े मुद्दे को लेकर चंडीगढ़ के आंदोलन से दूरी बनाए रखी थी और अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन किया। उगराहां गुट का कहना है कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के किसानों के बीच मतभेद पैदा करने वाले मुद्दों के बजाय साझा कृषि मुद्दों पर व्यापक संघर्ष होना चाहिए।
किसानों के कर्ज के लिए बनेगी ओटीएस नीति
किसानों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए सरकार बकाया कर्ज के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) नीति तैयार करेगी। इसमें खास तौर पर सहकारी बैंकों, पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव बैंक और सहकारी समितियों से लिए गए कर्ज को शामिल किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि ओटीएस नीति तैयार करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श कर एक समिति गठित की जाएगी।
{गन्ने का देश में सबसे अधिक भाव देने का दावा: गन्ने के मूल्य को लेकर मंत्री खुड्डियां ने कहा कि पंजाब किसानों को देश में सबसे अधिक गन्ना मूल्य देता रहेगा। उन्होंने बताया कि गन्ने का भाव तय करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए सोमवार को ही संबंधित फाइल पेश करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निजी चीनी मिलों की ओर किसानों के लंबित बकाये का भी समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने का भरोसा दिया गया है। सहकारी चीनी मिलों में लागू ‘वन विंडो, वन पेमेंट’ व्यवस्था को अब निजी चीनी मिलों तक भी विस्तार देने की बात कही गई है।
{बाकी मांगों पर बनेगी संयुक्त समिति: किसान संगठनों की अन्य मांगों के समाधान के लिए पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और किसान संगठनों की ओर से नामित प्रतिनिधियों की संयुक्त समिति गठित की जाएगी। यह समिति लंबित मामलों की समीक्षा कर उनका जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में
काम करेगी।