Summer express/राहुल चावला, धर्मशाला-:हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के चार साल पूरे होने से पहले ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उसके कार्यकाल पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी के प्रदेश कमेटी सदस्य एवं प्रदेश प्रवक्ता अचल छाबड़ा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार चुनाव से पहले किए गए कई बड़े वादों को पूरा करने में नाकाम रही है और इसका असर अब आम जनता में दिखाई दे रहा है।
धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान छाबड़ा ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले युवाओं को रोजगार देने, शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार करने और महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे किए थे। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल के लगभग चार वर्ष पूरे होने के बावजूद इन वादों का अपेक्षित असर धरातल पर नजर नहीं आ रहा।उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस ने पांच लाख नौकरियां देने और पहली कैबिनेट बैठक में एक लाख रोजगार उपलब्ध कराने का वादा किया था। लेकिन आज भी प्रदेश का युवा रोजगार के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स समेत विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, जबकि सरकार उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं कर पा रही।छाबड़ा ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति और सरकार के कुछ फैसलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पेट्रोल पर लगाए जा रहे विभिन्न सेस का जिक्र करते हुए लॉटरी शुरू करने के फैसले को भी निशाने पर लिया। उनका आरोप था कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के बजाय उन्हें किस्मत के भरोसे छोड़ने की दिशा में बढ़ रही है।स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने दावा किया कि सरकारी अस्पतालों में जांच सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। एक्स-रे, एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी जांचों के लिए लोगों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है।
अचल छाबड़ा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य को मजबूत किए बिना हिमाचल का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करने के बजाय पिछली भाजपा सरकार की कमियां गिनाने का आरोप लगाया।उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी हिमाचल में मजबूत राजनीतिक विकल्प बनकर उभरेगी और जनता भाजपा-कांग्रेस से अलग नई सरकार के पक्ष में मतदान करेगी।