समर न्यूज | चंडीगढ़
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ नशे, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने का संकेत दिया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में नशे के खिलाफ व्यापक जनअभियान शुरू करेगी और इन मुद्दों को आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूती से उठाएगी। नबीन ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली संवाददाता वार्ता में यह बात कही। नबीन ने पंजाब सरकार पर कथित अराजकता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा इन मुद्दों को चुनावी मैदान तक ले जाएगी। उन्होंने आम आदमी पार्टी में हाल में शामिल किए गए गुरप्रीत सिंह सेखों को लेकर भी सवाल उठाए।
सेखों को 2016 के नाभा जेलब्रेक मामले में प्रमुख आरोपियों में शामिल बताया गया है। नबीन ने कहा कि पार्टी शासन और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरती रहेगी। भाजपा ने पंजाब में नशे के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान की तैयारी तेज कर दी है। प्रस्तावित 12 दिवसीय यात्रा 18 से 30 सितंबर तक सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इसे चार अलग-अलग स्थानों से शुरू करने की योजना है। इनमें तलवंडी साबो स्थित तख्त दमदमा साहिब, फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का का वीर भूमि स्मारक और पठानकोट के निकट लखनपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मारक शामिल हैं।
यात्रा का समापन जालंधर में प्रस्तावित है।नबीन इस अभियान की शुरुआत में प्रमुख भूमिका निभाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं। भाजपा का लक्ष्य नशे के मुद्दे को सीधे मतदाताओं तक ले जाना और इसे आगामी चुनाव की प्रमुख बहस बनाना है। अभियान के दौरान नशे से प्रभावित परिवारों और नशे के खिलाफ काम करने वाले लोगों से संवाद की भी योजना है।
{अकाली दल से गठबंधन पर चुप्पी: पंजाब में भाजपा ने 2027 का विधानसभा चुनाव सभी 117 सीटों पर अपने दम पर लड़ने की तैयारी के संकेत दिए हैं। नबीन ने शिरोमणि अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन के सवाल पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की। पार्टी की राज्य इकाई भी लगातार सभी सीटों पर संगठन मजबूत करने पर जोर दे रही है।
{पंजाब में चुनाव से पहले बढ़ी सक्रियता: पंजाब विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं। ऐसे में नशे को मुख्य राजनीतिक मुद्दा बनाने की भाजपा की रणनीति को चुनावी तैयारी के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी पहले ही नशे, कानून-व्यवस्था और शासन से जुड़े मुद्दों पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने की तैयारी कर चुकी है। वहीं सत्तारूढ़ दल नशे के खिलाफ अपने अभियान और सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाने पर जोर दे रहा है। इससे सियासी टकराव बढ़ेगा।