महिला शिक्षिकाओं के लिए लाइलैक और पुरुष शिक्षकों के लिए हल्के नीले रंग की पोशाक तय
शिमला, 10 सितम्बर। प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों को एकरूप और आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में राज्य सरकार ने विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म, शिक्षकों के ड्रेस कोड और स्कूल भवनों की रंग योजना को अंतिम रूप दे दिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में गुरुवार को शिक्षा विभाग की बैठक में इन विषयों पर विस्तार से चर्चा के बाद निर्णय लिए गए।
बैठक में तय किया गया कि सीबीएसई स्कूलों के विद्यार्थियों की विशिष्ट यूनिफॉर्म हरे रंग की थीम पर आधारित होगी। वहीं, महिला शिक्षिकाओं के लिए हल्के लाइलैक (बैंगनी) रंग की पोशाक निर्धारित की गई है। पुरुष शिक्षक हल्के नीले रंग की पैंट और शर्ट पहनेंगे। स्कूल भवनों को ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंगों में रंगा जाएगा, जिससे सभी सीबीएसई स्कूलों को एक समान पहचान मिल सके।सरकार ने शिक्षकों के ड्रेस कोड को साफ-सुथरा, औपचारिक, शालीन और पेशेवर रखने पर जोर दिया है। ड्रेस में अनावश्यक सहायक वस्तुओं का न्यूनतम प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा ड्यूटी के दौरान सभी शिक्षकों के लिए पहचान पत्र पहनना अनिवार्य होगा।
स्कूल भवन ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंग में होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को उनके घरों के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में आवश्यक आधारभूत ढांचे को विकसित करने तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 80 करोड़ रुपये जारी किए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्कूलों के लिए अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये भी जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने के साथ-साथ स्कूलों में आवश्यक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है।बैठक में विधायक सुरेश कुमार, चंद्र शेखर और नीरज नैय्यर, हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के सदस्य विजय पाल सिंह, सचिव शिक्षा राकेश कंवर, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली सहित शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।