जगदीश लाल | बंगा (नवांशहर)
समर न्यूज
धन-धन श्री नाभ कंवल राजा साहिब जी की 86वीं बरसी के मौके पर रसोंखाना माजारा नौ आबाद में आयोजित धार्मिक समागम में लाखों की संगत नतमस्तक हुई। दूर-दूर से पहुंची संगत के लिए प्रबंधक कमेटी की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
राजा साहिब के पवित्र स्थान के दर्शन के लिए अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, होशियारपुर और नवांशहर टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के सदस्य संगत को निशुल्क आवागमन की सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। इस मौके पर श्री गुरु राम दास अस्पताल, दाना मंडी बंगा की ओर से तीन दिवसीय मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाया गया है। वहीं, बंगा-नवांशहर रोड स्थित सावरेन ऑयल पेट्रोल पंप की ओर से तीन दिन तक पेट्रोल की कीमत में एक रुपये प्रति लीटर की राहत देने की घोषणा की गई है। पासरिया अस्पताल, जालंधर की ओर से भी तीन दिवसीय रक्तदान शिविर लगाया गया है, जिसमें श्रद्धालुओं को रक्तदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस धार्मिक स्थल पर वर्ष 1916 में रसोंखाना की नींव रखी गई थी, जहां से संगत को लगातार तीन समय भोजन उपलब्ध करवाने की परंपरा शुरू हुई। यह परंपरा आज भी जारी है। बरसी के मौके पर करीब 150 प्रकार के शाही पकवानों का लंगर दिन-रात संगत के लिए उपलब्ध है। परिसर में भी लंगर की व्यवस्था की गई है।
प्रबंधक कमेटी ने करीब 12 एकड़ जमीन में अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की है। गुरुद्वारा साहिब में परिवारों के साथ दर्शन करने वाली संगत और अन्य श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों का प्रबंध किया गया है। माथा टेकने के बाद बाहर आने के लिए अलग रास्ते बनाए गए हैं। तीनों दिन धार्मिक दीवान, कविश्री और शब्द-कीर्तन के कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे।
{सुरक्षा व्यवस्था कड़ी…
सब डिवीजन बंगा पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। डीएसपी बंगा हरजीत सिंह रंधावा और थाना मुकंदपुर के एसएचओ परगट सिंह ने कहा कि शरारती तत्वों पर नजर रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रबंधक कमेटी के सदस्य एवं पूर्व पीपीएस अधिकारी कुलवंत सिंह हीर तथा अमरीक सिंह ने कहा कि संगत की सुविधा के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं और संगत तथा पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है। गंगा सिटी के गुरु तेग बहादुर गेट के पास, नगर कौंसिल बस स्टैंड, मुकंदपुर रोड और गुनाचौर से आगे संगत के लिए विभिन्न स्थानों पर लंगर लगाए गए हैं।
{राजा साहिब का धार्मिक योगदान…
मान्यता है कि इस पवित्र स्थान पर जहाज चढ़कर माथा टेकने से विदेश जाने का वीजा मिलने की मनोकामना पूरी होती है। श्री राजा साहिब का जन्म गांव बलोवाल में हुआ था, जबकि बैलोवाल को उनका ननिहाल गांव बताया जाता है। उनका अपना गांव कोटपूतली के पास मन्नाहना बताया जाता है। उनका मूल नाम भगवान दास था। उन्होंने ‘भगवान विलास’ धार्मिक ग्रंथ की रचना की। राजा साहिब ने गांव गोसल में गुरुद्वारा मंजी साहिब, गांव झिंगड़ा में गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब, गांव सुज्जो में गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब और गांव गुनाचौर में गुरुद्वारा श्री सरोवर साहिब की स्थापना की। बरसी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन धार्मिक स्थलों से जुड़े आयोजनों में भी शामिल हो रहे हैं।