summer express , बहादुरगढ़। नागरिक अस्पताल के कार्यवाहक पीएमओ डॉ. विनय देशवाल के साथ मारपीट के विरोध में शुक्रवार को डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी। डॉक्टरों की हड़ताल के चलते अस्पताल की ओपीडी सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं। रोजाना करीब 1000 से 1200 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन हड़ताल के कारण बड़ी संख्या में मरीजों को बिना उपचार के ही वापस लौटना पड़ा। दूर-दराज के क्षेत्रों से अस्पताल पहुंचे मरीजों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मामला वीरवार का है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में राउंड के दौरान कार्यवाहक पीएमओ डॉ. विनय देशवाल और रेडियोग्राफर संदीप के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान रेडियोग्राफर ने डॉ. विनय देशवाल के साथ मारपीट की। घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों में रोष फैल गया।
मामले में डॉक्टरों की शिकायत के बाद देर शाम आरोपी रेडियोग्राफर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके बावजूद डॉक्टरों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को हड़ताल शुरू कर दी। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल परिसर में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर ठोस व्यवस्था की जानी चाहिए।
हड़ताल कर रहे डॉक्टरों ने आरोपी रेडियोग्राफर को तत्काल निलंबित करने, उसकी जल्द गिरफ्तारी और उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग भी उठाई गई है, ताकि डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
डॉक्टरों की हड़ताल के कारण ओपीडी में मरीजों को इलाज नहीं मिल सका। कई मरीज घंटों इंतजार करने के बाद वापस लौट गए। हालांकि, हड़ताल के दौरान अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं और पोस्टमार्टम का काम जारी रखा गया, ताकि गंभीर मरीजों और जरूरी चिकित्सकीय मामलों में सेवाएं प्रभावित न हों।
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई होने तक विरोध जारी रहेगा। अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने के कारण हड़ताल का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर साफ तौर पर दिखाई दिया।