Summer express/शिमला-: शिमला शहर में आवारा कुत्तों और बंदरों के बढ़ते आतंक को लेकर शिमला नागरिक सभा ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। इस संबंध में सभा का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष जगमोहन ठाकुर के नेतृत्व में नगर निगम उपायुक्त भुवन शर्मा से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा।प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से 20 सितंबर को शांकली क्षेत्र में कुत्तों के हमले में घायल हुई दो वर्षीय बच्ची के मामले को गंभीरता से उठाया। सभा ने मांग की कि बच्ची के उपचार का पूरा खर्च नगर निगम वहन करे और उसके परिवार को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता दी जाए। सभा ने कहा कि 29 सितंबर को होने वाली नगर निगम हाउस की बैठक में इस मुद्दे को एजेंडे में शामिल कर आवश्यक प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए।
नागरिक सभा ने शहर में आक्रामक और खतरनाक कुत्तों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने, विशेष अभियान के तहत एबीसी (Animal Birth Control) और रेबीज टीकाकरण अभियान चलाने तथा कम से कम पांच प्रभावी एबीसी सेंटर स्थापित करने की मांग रखी। इसके अलावा नियमों के अनुरूप निर्धारित फीडिंग पॉइंट बनाए जाने पर भी जोर दिया गया।सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि कुत्तों और बंदरों के बढ़ते हमलों के कारण शहरवासियों में भय का माहौल है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उसे प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए।प्रतिनिधिमंडल में सचिव विवेक कश्यप, कोषाध्यक्ष सुनील वशिष्ठ, प्रो. राजेंद्र चौहान, तिलक राज, बच्ची के चाचा अमित और बुआ रजनी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।सभा ने चेतावनी दी कि यदि बच्ची को निःशुल्क उपचार और ₹2 लाख मुआवजा नहीं दिया गया तथा समस्या के समाधान के लिए ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आम जनता को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।