summer express, न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा में बच्चों को सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के संभावित खतरों से बचाने को लेकर दुनिया के देशों के बीच चर्चा तेज हो गई है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि 20 से अधिक देश बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर उम्र आधारित प्रतिबंध लागू कर चुके हैं या इस दिशा में कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती डिजिटल तकनीक के बीच बच्चों की सुरक्षा के लिए देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है।
अल्बानीज ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि ऑस्ट्रेलिया की ओर से 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के बाद कई देशों ने इसी तरह के कदम उठाए हैं। उनके मुताबिक, इंडोनेशिया, सिंगापुर, मलेशिया और न्यूजीलैंड समेत कई देश इस दिशा में आगे बढ़े हैं, जबकि यूरोपीय संघ ने भी डिजिटल सुरक्षा को लेकर बड़े बदलावों की घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और AI से बच्चों को होने वाले संभावित नुकसान से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है। अल्बानीज ने यह भी कहा कि तकनीक से मिलने वाले आर्थिक, स्वास्थ्य और उत्पादकता संबंधी लाभ महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इसके विकास और इस्तेमाल में मानव नियंत्रण बनाए रखना जरूरी है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर जोर दिया। फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन और केन्या ने बच्चों के अधिकारों और AI के दौर में उनकी सुरक्षा को लेकर एक गठबंधन की पहल की है। इस पहल को 23 देशों और संयुक्त राष्ट्र की आठ संस्थाओं का समर्थन प्राप्त है।
मैक्रों ने कहा कि बच्चों पर AI और डिजिटल तकनीकों के प्रभाव का आकलन करने के लिए वर्षों तक इंतजार नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, बच्चों के लिए AI आधारित तकनीकों को उपलब्ध कराने से पहले उनकी जांच और मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र में AI के नियमन को लेकर देशों के बीच अलग-अलग दृष्टिकोण भी सामने आए। कुछ देशों ने पारदर्शिता, सुरक्षा और निगरानी के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों की जरूरत बताई, जबकि कुछ ने अत्यधिक नियमन से तकनीकी विकास प्रभावित होने की आशंका जताई।
अल्बानीज ने कहा कि किसी एक देश के लिए AI से जुड़े सभी जोखिमों से अकेले निपटना संभव नहीं है। उन्होंने देशों से डिजिटल भविष्य को मिलकर आकार देने और बच्चों की सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया।