दलजीत विक्की | लुधियाना
समर न्यूज
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार शहीद-ए-आजम भगत सिंह के सपनों को साकार करने और देशभक्ति, समानता, न्याय तथा जनकल्याण के मूल्यों पर आधारित पंजाब के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। वह पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में शहीद भगत सिंह की जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय ‘जश्न-ए-इंकलाब’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शहीद भगत सिंह की विरासत को संजोने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें मोहाली एयरपोर्ट का नाम उनके नाम पर रखना, एयरपोर्ट रोड पर 30 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित करना और सरकारी कार्यालयों में शहीद भगत सिंह तथा डॉ. बीआर अंबेडकर के चित्र लगाना शामिल है।
उन्होंने बताया कि खटकड़ कलां में करीब 52 करोड़ रुपये की लागत से शहीद-ए-आजम भगत सिंह हेरिटेज कॉम्प्लेक्स विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य खटकड़ कलां के ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए शहीद भगत सिंह के जीवन, विचारों और बलिदान को नई पीढ़ी तक आधुनिक माध्यमों से पहुंचाना है।
कॉम्प्लेक्स में पैतृक घर, प्रतिकृति गृह, कोर्टरूम अनुभव, हेरिटेज स्ट्रीट, गांव का पुनर्निर्मित स्वरूप, मशाल गेट, राष्ट्रीय ध्वज क्षेत्र, लाइब्रेरी, म्यूरल, मूर्तियां और अन्य प्रदर्शनी शामिल होंगी। आधुनिक ऑडिटोरियम, ऑडियो-विजुअल प्रेजेंटेशन, म्यूजिकल फाउंटेन, लाइटिंग और पर्यटक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
मान ने कहा कि परियोजना अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे जनता को समर्पित किया जाएगा। इससे विरासत शिक्षा, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के आदर्शों पर चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, गरीबी और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियों को खत्म करना ही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में पंजाबी कलाकार रणजीत बावा और कुलविंदर बिल्ला ने प्रस्तुतियां दीं। इसके अलावा ढाढी जत्थों और ‘गगन दमामा बाज्यो’ नाटक के माध्यम से शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के जीवन तथा बलिदान को दर्शाया गया।
‘गगन दमामा बाजियो’ ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध नाटक ‘गगन दमामा बाजियो’ की प्रस्तुति दी गई। इसके अलावा पंजाबी संगीत जगत के लोकप्रिय कलाकारों रंजीत बावा, कुलविंदर बिल्ला, बसंत कौर और परी पंधेर ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। ढाडी जत्थों की प्रस्तुतियों ने भी कार्यक्रम में पंजाब की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का रंग भर दिया।