summer express ,मोनिका रावत ,|चंडीगढ़ पीठ दर्द की थैरेपी के बहाने महिला को घर बुलाकर दुष्कर्म करने वाले एक शख्स को स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। सजा पाने वाला 31 वर्षीय लक्ष्य अबरोल है जोकि फिजिकल पेन थैरेपिस्ट है और सेक्टर-38 स्थित अपने घर पर थैरेपी सेंटर चलाता था। कोर्ट ने उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। उसे आइपीसी की धारा 354, 354ए और 376(2)(ई) के तहत सजा सुनाई गई। यह मामला सेक्टर-39 थाने में 28 फरवरी 2024 को दर्ज किया गया था।
पीड़ित महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह पीठ दर्द की समस्या के कारण लक्ष्य अबरोल के पास थैरेपी के लिए गई थी। वह पहले भी दो बार उसे सेंटर से थैरेपी ले चुकी थी। महिला के अनुसार, 28 फरवरी 2024 को सुबह 11 बजे उसकी अपाइंटमेंट थी। इसके बाद आरोपित ने उसे उसी दिन शाम को दोबारा थैरेपी के लिए बुलाया। शाम करीब पांच बजे वह उसके सेंटर पर पहुंची। महिला का आरोप था कि थैरेपी के दौरान आरोपित ने उसकी अनुमति के बिना गलत तरीके से छुआ। फिर उसने महिला के साथ दुष्कर्म किया।
बचाव पक्ष ने आरोपों को बताया था झूठा
हालांकि बचाव पक्ष ने इन आरोपों को झूठा बताया था। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि लक्ष्य वर्ष 2020 से फिजिकल पेन थैरेपिस्ट के तौर पर काम कर रहा है और सेक्टर-38 स्थित अपने घर पर लोगों का उपचार करता है। पीड़ित महिला 28 फरवरी को कंसल्टेशन के लिए आई थी और वहां से चली गई थी। करीब 45 मिनट बाद वह अपने एक आस्ट्रेलियन दोस्त मृदुल खन्ना और एक पुलिसकर्मी के साथ वापस आई। उसने आरोप लगाया कि उसके बैग से पांच हजार आस्ट्रेलियन डालर चोरी हो गए हैं। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और उसके बाद उसके खिलाफ झूठी एफआइआर दर्ज कराई गई। हालांकि अदालत ने इन दलीलों को नहीं माना और दाेषी को सजा सुना दी।