summer express , अमृतसर। मानसून की विदाई के बीच पंजाब में मौसम का मिजाज अब बदलने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के मुताबिक 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक राज्यभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान बारिश के आसार बेहद कम हैं और कई इलाकों में तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में पंजाब में वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है। दिन के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं रात के न्यूनतम तापमान में क्षेत्रवार अंतर देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिम पंजाब के जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रह सकता है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में यह सामान्य के आसपास रहने की संभावना है।
मंगलवार को पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में पिछले 24 घंटों की तुलना में 3.3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, यह अभी भी सामान्य तापमान से करीब 1.9 डिग्री सेल्सियस कम रहा। राज्य में सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बठिंडा एयरपोर्ट पर अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
प्रमुख शहरों की बात करें तो चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो पिछले 24 घंटों की तुलना में 7.4 डिग्री अधिक रहा। अमृतसर में 31.2, लुधियाना में 32.0 और पटियाला में 32.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
मंगलवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक राज्य के लगभग सभी मौसम केंद्रों पर बारिश दर्ज नहीं की गई। इससे संकेत मिल रहे हैं कि वातावरण में नमी धीरे-धीरे कम हो रही है और मौसम शुष्क होने की ओर बढ़ रहा है।
मौसम में बदलाव को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। अगले चार से पांच दिनों तक शुष्क मौसम रहने की संभावना को देखते हुए फसलों, हरी सब्जियों और फलदार बागों में अनावश्यक सिंचाई से बचने को कहा गया है। जिन खेतों में पहले से पानी जमा है, वहां जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है, ताकि फसलों की जड़ों को नुकसान न पहुंचे।
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार कीटनाशक या खाद का छिड़काव मौसम साफ रहने पर ही किया जाना चाहिए। कद्दू वर्गीय सब्जियों जैसे लौकी, कद्दू और करेला की बुवाई का काम भी समय रहते पूरा करने की सलाह दी गई है। किसानों को वायरस-प्रतिरोधी किस्मों के बीजों को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
वहीं, नींबू, अमरूद, आम और पपीते जैसे सदाबहार फलदार पौधे लगाने के लिए भी मौजूदा मौसम को अनुकूल बताया गया है। मौसम साफ रहने से आने वाले दिनों में खरीफ फसलों की कटाई और मंडियों में धान की आवक बढ़ने की संभावना है।