सहजप्रीत सिंह | लुधियाना
समर न्यूज
महानगर में चल रही श्री हनुमंत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कथित बयानों को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है।
पंजाब के शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी सानी ने इन बयानों पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि धार्मिक मंच से किसी समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना पंजाब के सदियों पुराने भाईचारे के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री से कथित विवादित टिप्पणियां तत्काल वापस लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर कथावाचक और कथा के आयोजकों के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई करवाई जाएगी। शाही इमाम ने कहा कि किसी भी धर्म की कथा और धार्मिक प्रचार का उन्हें विरोध नहीं है। संविधान प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म का प्रचार करने की आजादी देता है, लेकिन इस स्वतंत्रता की आड़ में समाज में नफरत फैलाने या किसी धर्म के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि धार्मिक मंचों से प्रेम, अमन और भाईचारे का संदेश जाना चाहिए।
लुधियाना के लोगों को कथित तौर पर ‘पागलों’ कहकर संबोधित करने पर भी शाही इमाम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लुधियाना के लोग सूझवान, संजीदा और मिलनसार हैं तथा सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि 1947 के बंटवारे जैसे कठिन दौर के बावजूद शहर की आपसी सांझ कायम रही। शाही इमाम ने पंजाब की धार्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए गुरु नानक देव जी, बाबा फरीद, गुरु गोबिंद सिंह जी, साईं मियां मीर, दीवान टोडरमल, नबी खां और गनी खां से जुड़े इतिहास का हवाला दिया।
उन्होंने कहा कि ऐसी धरती पर नफरत की जगह भाईचारे को मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने चीन को लेकर कथित टिप्पणियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और व्यापारिक संबंधों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय मामलों पर जिम्मेदारी से बयान देना चाहिए। शाही इमाम ने कहा कि यदि कथित विवादित बयान वापस नहीं लिए गए तो पुलिस शिकायत के साथ सभी धर्मों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक बुलाकर पंजाब की भाईचारक सांझ को मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।