summer express,रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) के हॉस्टलों में कूलर लगाने और छात्रों पर जुर्माना लगाए जाने के मुद्दे को लेकर विवाद बढ़ गया। विरोध में विभिन्न हॉस्टलों के बड़ी संख्या में छात्र देर रात विश्वविद्यालय के वीसी हाउस पहुंच गए। छात्रों ने गेट और दीवार पर चढ़कर नारेबाजी की और चीफ वार्डन के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। कई घंटे तक चले विरोध के बाद रजिस्ट्रार के आश्वासन पर छात्र शांत हुए और वापस हॉस्टलों में लौट गए।
छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल के कमरों में कूलर लगाने पर 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है। वहीं, दूसरे हॉस्टल में रहने वाले दोस्त से मिलने जाने पर भी 1 हजार रुपये जुर्माना किए जाने की बात कही जा रही है। छात्रों के अनुसार, गर्मी से राहत पाने के लिए उन्होंने अपने कमरों में कूलर लगाए थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से चीफ वार्डन की ओर से हॉस्टलों में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है और कूलर मिलने पर कार्रवाई की जा रही है।
कूलर और कथित जुर्माने के विरोध में देर रात विभिन्न हॉस्टलों के छात्र एकजुट होकर वीसी हाउस पहुंच गए। यहां छात्रों ने चीफ वार्डन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ छात्र वीसी हाउस के गेट और दीवार पर भी चढ़ गए। छात्रों ने कहा कि हॉस्टल से जुड़ी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो विरोध को बड़े आंदोलन में बदला जाएगा।
इनसो प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक ने आरोप लगाया कि हॉस्टलों में छात्रों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों से हॉस्टल वार्डन के एसी के बिजली बिल का भुगतान कराया जाता है, जबकि उन्हें अपने कमरों में गर्मी से बचने के लिए कूलर लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही। उन्होंने छात्रों पर लगाए जा रहे जुर्माने को भी अनुचित बताया।
हंगामे की सूचना मिलने के बाद MDU के रजिस्ट्रार प्रो. संदीप बंसल मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने हॉस्टल से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा और समाधान के लिए 22 सदस्यीय कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया। कमेटी में छात्र नेताओं को भी शामिल करने की बात कही गई। रजिस्ट्रार के आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया और हॉस्टलों में लौट गए।
छात्र नेता दीपक मलिक ने कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और कथित तौर पर लगाए गए जुर्माने वापस नहीं लिए गए तो विश्वविद्यालय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। छात्रों ने रात 8 बजे के बाद चीफ वार्डन के हॉस्टलों में आने का भी विरोध करने की बात कही है।
फिलहाल रजिस्ट्रार के आश्वासन के बाद देर रात शुरू हुआ विरोध समाप्त हो गया है। विश्वविद्यालय की ओर से गठित 22 सदस्यीय कमेटी के माध्यम से हॉस्टल की व्यवस्थाओं और छात्रों की शिकायतों पर विचार कर समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई है।