Summer express, राकेश कुमार शर्मा, करनाल। करनाल के जाट भवन में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) भारत की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न किसान संगठनों के नेताओं ने हिस्सा लिया। किसान नेता राकेश टिकैत और जोगिंदर सिंह उगराहां सहित अन्य नेताओं ने 26 नवंबर को प्रस्तावित किसान आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। इसके अलावा हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में धान खरीद से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में शामिल किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 26 नवंबर के आंदोलन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े मुद्दों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ कथित मारपीट का मामला भी उठाया जाएगा। टिकैत ने कहा कि किसान संगठन छात्रों के समर्थन में खड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ मारपीट की घटना के लिए सरकार जिम्मेदार है और यह आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है।
धान खरीद को लेकर हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए टिकैत ने आरोप लगाया कि प्रदेश की मंडियों में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनकी धान की उचित खरीद नहीं हो रही। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश से धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और ट्रक कथित तौर पर दो हजार से पांच हजार रुपये लेकर हरियाणा भेजे जा रहे हैं। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश में धान सस्ते दामों पर खरीदकर हरियाणा में लाया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए जांच की जरूरत बताई।
टिकैत ने कहा कि पहले किसान स्वयं अपनी धान हरियाणा की मंडियों में लेकर आते थे, लेकिन अब खरीद प्रक्रिया और धान के कारोबार को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पंजाब में भी धान खरीद की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि वहां भी किसानों को उचित खरीद का लाभ नहीं मिल रहा है।
संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा कर आंदोलन की आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी। किसान संगठनों के नेताओं का कहना है कि धान खरीद में किसानों को आ रही दिक्कतों और अन्य मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति तय करना बैठक का प्रमुख उद्देश्य है।