Summer express, जालंधर। नगर निगम की ओर से शहर की सड़कों की सफाई के लिए चलाए जा रहे रोड स्वीपिंग प्रोजेक्ट को लेकर विवाद सामने आया है। प्रोजेक्ट के तहत निजी कंपनी रात के समय मशीनों के जरिए सड़कों की सफाई करती है, लेकिन दिन में इन मशीनों और उनसे जुड़े अन्य वाहनों को गढ़ा रोड स्थित छोटी बारादरी पार्ट-2 मार्केट की पार्किंग में खड़ा किया जा रहा है। इससे मार्केट के दुकानदारों और कारोबारियों को अपने वाहन पार्क करने में परेशानी हो रही है।
जानकारी के अनुसार, नगर निगम ने शहर की सड़कों की सफाई के लिए निजी कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है। इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने हैं। सफाई के लिए स्वीपिंग मशीनों के साथ ट्रॉलियों और टैंकरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, आरोप है कि कंपनी ने अपनी मशीनरी और वाहनों को खड़ा करने के लिए अब तक अलग वर्कशॉप या उपयुक्त स्थान की व्यवस्था नहीं की है।
इसके चलते रात में सफाई करने के बाद मशीनरी और अन्य वाहन दिन के समय छोटी बारादरी पार्ट-2 मार्केट की पार्किंग में खड़े किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह पार्किंग वहां स्थित प्लॉटों और शोरूम के मालिकों के इस्तेमाल के लिए निर्धारित है। दुकानदारों और कारोबारियों का कहना है कि उन्होंने अपनी संपत्तियां खरीदने पर बड़ी रकम खर्च की है, लेकिन अब पार्किंग में सफाई परियोजना की मशीनरी खड़ी होने से उन्हें अपने वाहन खड़े करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही।
निगम अधिकारियों के निर्देश पर पार्किंग इस्तेमाल करने का दावा
मार्केट के दुकानदारों और कारोबारियों ने जब इस संबंध में स्वीपिंग मशीनें संचालित करने वाली कंपनी के प्रतिनिधियों के सामने आपत्ति जताई, तो कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि नगर निगम के अधिकारियों ने ही मशीनरी और वाहनों को वहां खड़ा करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और नगर निगम के अधिकारियों का पक्ष भी सामने नहीं आया है।
मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि करोड़ों रुपये के रोड स्वीपिंग प्रोजेक्ट का संचालन करने वाली कंपनी ने अपनी मशीनरी खड़ी करने के लिए अलग स्थान की व्यवस्था क्यों नहीं की। साथ ही, यह भी सवाल है कि मार्केट की निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल निजी कंपनी के वाहनों को खड़ा करने के लिए किस आधार पर किया जा रहा है।
अब नगर निगम की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजरें हैं। मार्केट के दुकानदारों और कारोबारियों को उम्मीद है कि पार्किंग की समस्या का समाधान किया जाएगा, ताकि वे अपनी व्यावसायिक गतिविधियों के साथ-साथ वाहन पार्क करने की सुविधा का भी इस्तेमाल कर सकें।