Summer express, तिरुवनंतपुरम। केरल में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए राज्य सरकार ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कई पर्यटन स्थलों पर सख्त पाबंदियां लागू करने के निर्देश दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और कोझिकोड सहित कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके मद्देनजर प्रशासन को सतर्क रहने और जोखिम वाले क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां रोकने के लिए कहा गया है।
राज्य सरकार के गुरुवार को जारी निर्देशों के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए बारिश कम होने तक पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई जानी चाहिए। ये प्रतिबंध केवल ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन आसपास के जिलों में भी लागू किए जा सकेंगे, जहां भारी बारिश हो रही है। मौसम संबंधी चेतावनियां वापस लिए जाने तक विशेष नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आईएमडी ने 22 अक्टूबर के लिए एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और कोझिकोड में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 24 घंटे में 115.6 से 204.4 मिलीमीटर बारिश होने पर उसे बहुत भारी वर्षा की श्रेणी में रखा जाता है।
इसके अलावा गुरुवार के लिए इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़ और मलप्पुरम में येलो अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार के लिए तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, पलक्कड़, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में भी येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
प्रशासन ने पर्यटन अधिकारियों को भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों और संवेदनशील पर्यटन स्थलों तक जाने वाली सड़कों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरत के अनुसार आवाजाही और पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिबंध भी लगाए जाएंगे। दूसरे राज्यों और विदेशों से आने वाले पर्यटकों को मौसम की स्थिति और जारी चेतावनियों के बारे में जानकारी देने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
निर्देशों में आपातकालीन संपर्क नंबरों का व्यापक प्रचार करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि खराब मौसम में फंसने वाले पर्यटकों को समय पर सहायता मिल सके। संबंधित अधिकारियों को पर्यटन स्थलों पर लागू पाबंदियों की जानकारी मीडिया और सामाजिक माध्यमों के जरिए प्रसारित करने के लिए कहा गया है। साथ ही पुलिस, आपदा प्रबंधन तथा अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं के नियंत्रण कक्षों को भी सूचित किया जाएगा, ताकि आपात स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे।
इस बीच, खराब मौसम और तेज हवाओं की आशंका के चलते आईएमडी ने केरल और लक्षद्वीप के तटों पर 25 अक्टूबर तक तथा कर्नाटक के तट पर 23 से 25 अक्टूबर तक मछली पकड़ने पर रोक लगाने की सलाह दी है।