यूजीसी के नियम वापस लेने और सामान्य वर्ग आयोग के गठन की मांग, भाजपा-कांग्रेस पर साधा निशाना
Summer express/शिमला,संजू-: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में गुरुवार को राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी की सवर्ण पदयात्रा पहुंचने के बाद माहौल गरमा गया।मनाली से करीब 600 किलोमीटर का सफर तय कर शिमला पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और चक्का जाम कर दिया। इसके चलते शहर की सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालात को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
प्रदर्शन की अगुवाई राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर और करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने की। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों को वापस लेने और सामान्य वर्ग के लिए अलग आयोग गठित करने की मांग उठाई। नेताओं ने स्पष्ट किया कि सामान्य वर्ग से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका विरोध भाजपा और कांग्रेस, दोनों राजनीतिक दलों के खिलाफ है।रूमित सिंह ठाकुर और महिपाल सिंह मकराना ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने गलत नियम बनाए, जबकि कांग्रेस ने भी इन नियमों का प्रभावी विरोध नहीं किया। नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी निशाना साधा।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने दावा किया कि सामान्य वर्ग के कई लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने यूजीसी के नियमों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इनके माध्यम से समाज में विभाजन बढ़ सकता है। साथ ही उन्होंने मांग की कि आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को बनाया जाना चाहिए।पार्टी नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आंदोलन को देशभर में व्यापक रूप देने की बात कही। इसी कड़ी में 10 जनवरी को दिल्ली कूच करने का ऐलान किया गया।