{कूड़े से भरी ट्रॉलियों को लोगों ने वापस लौटाया, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खिलाफ अदालत जाने की चेतावनी
गुरशरण सिंह/ सुरिंदर सिंह अंकुश
समर न्यूज | मोहाली
मोहाली के फेज-5 और गांव शाही माजरा के साथ लगती ग्रीन बेल्ट में लगे कूड़े के विशाल ढेर और उसमें पिछले कई दिनों से सुलग रही आग के कारण स्थानीय निवासियों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। कूड़े से उठने वाले जहरीले धुएं और प्रदूषण से परेशान लोगों ने शनिवार को बड़ी संख्या में एकत्र होकर नगर निगम और पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से इस स्थान पर कूड़ा फेंकने की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने और पहले से जमा कूड़े को हटाने की मांग की।
ग्रीन पार्क रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी की ओर से नगर निगम की पार्षद कुलदीप कौर कंग के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों ने इससे पहले मेयर सरबजीत सिंह समाणा से मुलाकात कर समस्या का समाधान करवाने की मांग की थी। निवासियों के अनुसार, मेयर ने उन्हें भरोसा दिया था कि वह 24 अक्टूबर को सुबह 11 बजे मौके पर पहुंचकर कूड़ा हटाने के लिए समयसीमा निर्धारित करेंगे। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि निर्धारित समय पर मेयर मौके पर नहीं पहुंचे।
राजनीतिक मुद्दा बना फेज-5 का कूड़ा, विभिन्न दलों के नेताओं ने नगर निगम को घेरा: फेज-5 के पास कूड़े के ढेर और उससे फैल रहे प्रदूषण का मामला अब राजनीतिक रूप भी लेता जा रहा है। शनिवार को नगर निगम के पूर्व मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू, भाजपा के जिला प्रधान संजीव वशिष्ठ, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष आभा बंसल और अकाली नेता अजैपाल सिंह मिड्ढूखेड़ा भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। इन नेताओं ने नगर निगम की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि स्थानीय निवासियों को साफ वातावरण उपलब्ध करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कूड़े के ढेर और जहरीले धुएं के कारण फेज-5 के निवासियों के स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण में रहने के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। नेताओं ने मांग की कि इस स्थान से तुरंत पूरा कूड़ा हटवाया जाए और यहां दोबारा कूड़ा फेंकने पर स्थायी रोक लगाकर ग्रीन बेल्ट विकसित की जाए।
स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी: प्रदर्शन में शामिल सुखविंदर सिंह विरदी, रुपिंदर कौर, रमनदीप कौर, मनिंदर सिंह, रविंदर सिंह राजू, बिक्रमजीत सिंह खुरल और वीके जोशी सहित अन्य निवासियों ने कहा कि वे इस स्थान पर अब और कूड़ा नहीं फेंकने देंगे। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि कूड़े का पूरा ढेर हटाने, आग पर स्थायी रूप से काबू पाने और दोबारा कूड़ा फेंकने से रोकने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे अपने स्तर पर कूड़ा फेंकने की गतिविधियों को रोकने के लिए आंदोलन और तेज करेंगे।
कूड़े के ढेर में दोबारा भड़की आग, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंचीं
स्थानीय निवासियों ने बताया कि शुक्रवार शाम कूड़े के ढेर में सुलग रही आग एक बार फिर भड़क उठी। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। शनिवार को भी दमकल विभाग की कई गाड़ियां आग पर काबू पाने में जुटी रहीं। निवासियों का आरोप है कि पिछले तीन महीनों के दौरान कूड़े के इस ढेर में कई बार आग लग चुकी है। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की 100 से अधिक गाड़ियां लगाई जा चुकी हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लगातार उठ रहे धुएं के कारण फेज-5, गांव शाही माजरा, आसपास के रिहायशी क्षेत्रों, व्यावसायिक इलाकों और औद्योगिक क्षेत्र के लोग प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जहरीले धुएं के कारण विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
नगर निगम ने जेसीबी से कूड़ा हटाने का काम शुरू किया
शनिवार सुबह नगर निगम के ठेकेदार की ओर से जेसीबी मशीन लगाकर मौके से कूड़ा उठाने का काम शुरू कर दिया गया। हालांकि, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कूड़ा हटाने के साथ-साथ कुछ ट्रॉलियां यहां और कूड़ा फेंकने के लिए भी पहुंच गई थीं।
इस पर प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताते हुए ट्रॉलियों को कूड़ा फेंकने से रोक दिया और उन्हें वापस लौटा दिया। नगर निगम की पार्षद कुलदीप कौर कंग, रविंदर सिंह पंजाब मोटर, पूर्व पार्षद अशोक झा, जगदीश सिंह जग्गा और स्थानीय निवासियों की संस्था के प्रधान महिंदर सिंह ने कहा कि समस्या का अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी समाधान होना चाहिए। उन्होंने बताया कि सफाई ठेकेदार के अनुसार, इस स्थान पर कूड़ा फेंकने का काम किसी अन्य ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है। ठेकेदार ने एक बार सफाई करवाने की बात कही है, लेकिन जब तक यहां कूड़ा फेंकने पर स्थायी रोक नहीं लगती, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खिलाफ अदालत जाने की चेतावनी
गांव मोहाली के पूर्व पार्षद रविंदर सिंह ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रीन बेल्ट में कूड़ा फेंकने और उसमें लगातार आग लगने के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीन बेल्ट में कूड़ा फेंकने की गतिविधियां गैरकानूनी हैं और संबंधित विभाग को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। रविंदर सिंह ने चेतावनी दी कि यदि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस मामले में उचित कदम नहीं उठाए तो वह बोर्ड के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।