Summer express/राहुल चावला, धर्मशाला-:शाहपुर के विधायक एवं हिमाचल विधानसभा के उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में लगातार काम कर रही है। सरकार ने प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इनमें रोबोटिक सर्जरी, एमआरआई और अन्य अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। उन्होंने इन प्रयासों के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का आभार भी जताया।
धर्मशाला में रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में पठानिया ने कहा कि 11 दिसंबर 2022 को कांग्रेस सरकार बनने के बाद स्वास्थ्य संस्थानों में सुविधाओं के विस्तार और स्टाफ की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। आईजीएमसी शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा, नेरचौक, हमीरपुर, चंबा और नाहन मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने दावा किया कि मेडिकल कॉलेजों सहित स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की उपलब्धता 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक पहुंचाई गई है।उन्होंने बताया कि आईजीएमसी शिमला में स्नातकोत्तर यानी पीजी सीटों की संख्या 277 से बढ़ाकर 497 कर दी गई है। रेडियोग्राफर की सीटें भी 20 से बढ़ाकर 50 की गई हैं। इसके अलावा नर्सिंग और अन्य तकनीकी स्वास्थ्य पदों पर भर्तियां कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए गए हैं।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर रहेगा जोर
पठानिया ने कहा कि जायका के माध्यम से भी करीब तीन हजार करोड़ रुपये की स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। टांडा मेडिकल कॉलेज में प्रत्येक बेड पर एक मरीज रखने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही मदर एंड चाइल्ड अस्पताल और नूरपुर की स्वास्थ्य परियोजनाओं पर भी जल्द काम शुरू करने की योजना है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि भाजपा स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए कार्यों का श्रेय लेने का प्रयास कर रही है।
पर्यटन विकास के लिए भी कई योजनाएं
विधायक ने कहा कि कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए 2632 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गगल हवाई अड्डे के विस्तारीकरण और धर्मशाला से चंडीगढ़ के लिए हेली टैक्सी सेवा शुरू करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। बनखंडी में सफारी जू के पहले चरण का उद्घाटन जल्द किया जाएगा। वहीं, नड्डी स्थित डल झील के जीर्णोद्धार पर एक करोड़ 30 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
केंद्र पर आरडीजी और पेंशन फंड को लेकर निशाना
पठानिया ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के आरडीजी और पेंशन फंड के करीब 16 हजार करोड़ रुपये बंद किए जाने से हिमाचल को नुकसान हुआ है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश के हितों से जुड़े मामलों को मजबूती से उठा रहे हैं।जेएसडब्ल्यू, वाइल्ड फ्लावर हॉल और किशाऊ बांध परियोजना से जुड़े विषयों को भी आगे बढ़ाया गया है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिवार ने अपना साथी खोया है। मुख्यमंत्री तकनीकी कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए, लेकिन वह उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। पठानिया ने बताया कि जिला कांगड़ा में विधानसभा का ऐतिहासिक रूप से बड़ा सत्र आयोजित होने जा रहा है और इस बार नवंबर में ही विधानसभा सत्र करवाया जाएगा।