Summer express, बलिंदर कुमार, कैथल। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि रासायनिक खादों और अन्य रसायनों के अत्यधिक इस्तेमाल से जमीन की उर्वरक क्षमता प्रभावित हो रही है। इससे खेती की लागत बढ़ने के साथ कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। प्राकृतिक खेती के माध्यम से मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और लोगों को जहरमुक्त भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत गांव गोविंदपुरा में प्राकृतिक खेती को लेकर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर शहीद उधम सिंह चौक के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया गया। गांव पहुंचने पर शहीद उधम सिंह इंटरनेशनल फाउंडेशन के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया।
आचार्य देवव्रत ने कहा कि किसानों को खेती की बदलती परिस्थितियों को समझते हुए प्राकृतिक पद्धतियों की ओर बढ़ना चाहिए। रासायनिक खादों के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से भूमि की सेहत खराब हो रही है। उन्होंने खेतों में केंचुओं जैसे लाभकारी जीवों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कुरुक्षेत्र स्थित गुरुकुल का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां करीब 200 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे गुरुकुल में प्रशिक्षण लेकर इस पद्धति को अपनाएं। उनके अनुसार, इससे खेती पर होने वाले खर्च को नियंत्रित करने और भूमि को बंजर होने से बचाने में सहायता मिल सकती है। उन्होंने सीवन क्षेत्र में सब्जियों की खेती की ओर बढ़ रहे किसानों की भी सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने शहीद उधम सिंह के बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए क्रांतिकारियों ने अदम्य साहस और देशभक्ति का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि गांव गोविंदपुरा में शहीद उधम सिंह चौक का निर्माण युवाओं में देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में सहायक होगा।