Summer express, संजू, ऊना । हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में टिकट वितरण और उम्मीदवारों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर ने देवेंद्र भुट्टो के साथ अपने संबंधों और पार्टी में नए नेताओं की एंट्री को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि उनकी देवेंद्र भुट्टो के साथ कोई व्यक्तिगत दोस्ती नहीं है, बल्कि दोनों पार्टी के कार्यकर्ता हैं। कंवर ने कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत द्वेष की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और पार्टी के कार्यक्रमों में सभी कार्यकर्ता मिलकर काम करते हैं।
दरअसल, वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में वीरेंद्र कंवर और देवेंद्र कुमार भुट्टो एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी थे। वर्ष 2024 में राज्यसभा चुनाव के दौरान भुट्टो ने कांग्रेस से बगावत कर भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद प्रदेश में हुए विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया, लेकिन उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। उपचुनाव के बाद से ही वीरेंद्र कंवर और देवेंद्र भुट्टो के बीच तनातनी की चर्चाएं सामने आती रही हैं। हालांकि, उपचुनाव के दौरान कंवर ने पार्टी के समर्थन में काम किया था।
वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी भूमिका को लेकर वीरेंद्र कंवर ने कहा कि वह राजनीति में सक्रिय हैं और भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं। पार्टी नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा, वह उसे स्वीकार करेंगे और पूरी निष्ठा के साथ संगठन के लिए काम करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि भाजपा चुनाव से पहले उम्मीदवारों को लेकर आकलन करेगी और समर्पित कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने का अवसर देगी।
पूर्व मंत्री ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है और उसके खिलाफ नकारात्मक माहौल बना हुआ है। कंवर ने कहा कि सरकार के चार साल पूरे होने को हैं, लेकिन कांग्रेस की दस चुनावी गारंटियों में से एक भी पूरी नहीं हुई है। उन्होंने प्रदेश में विकास कार्य प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए सड़कों की खराब हालत का मुद्दा भी उठाया।
मुख्यमंत्री की ओर से भाजपा में गुटबाजी को लेकर लगातार दिए जा रहे बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए वीरेंद्र कंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री चाहे जितना प्रचार कर लें, उससे वास्तविकता नहीं बदलती। उन्होंने दावा किया कि भाजपा में कोई गुटबाजी नहीं है और पार्टी के कार्यकर्ता अपनी विचारधारा के प्रति समर्पित होकर काम कर रहे हैं। इसके विपरीत, कंवर ने कांग्रेस में गुटबाजी की खबरें सामने आने की बात कही।