Summer express/शिमला/संजू: दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली को लेकर हिमाचल प्रदेश में भी तैयारियां तेज हो गई हैं। इस रैली में प्रदेश से करीब 10 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। हर विधानसभा क्षेत्र से लगभग 200 लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य विधायकों और पार्टी नेताओं को दिया गया है। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के अधिकारों को बचाने की लड़ाई है।
नरेश चौहान ने कहा कि दिल्ली में होने वाली इस रैली को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग इसमें भाग लेने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी विचारधाराओं के लोगों को एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत है।उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और आम जनता की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। मौजूदा हालात अघोषित आपातकाल जैसे बनते जा रहे हैं। चौहान ने कहा कि सरकार चाहे कितनी भी पुलिस व्यवस्था कर ले, लोग रामलीला मैदान पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करवाएंगे।भाजपा पर निशाना साधते हुए नरेश चौहान ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। विपक्ष जनता के मुद्दों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर रहा है, जबकि भाजपा की ओर से आंदोलन को लेकर सवाल उठाना समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि अराजकता विपक्ष नहीं, बल्कि भाजपा फैला रही है।
चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी नरेश चौहान ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ईवीएम को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं और कई जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग उठ रही है। उन्होंने सवाल किया कि यदि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष है, तो बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए?
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बयानों पर पलटवार करते हुए चौहान ने पूछा कि क्या भाजपा देश के 13 करोड़ लोगों को घुसपैठिया बताना चाहती है? उन्होंने भाजपा से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।नरेश चौहान ने दोहराया कि दिल्ली में होने वाला प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपनी बात रखने और सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज करवाने का अधिकार है। हिमाचल से हजारों लोगों की भागीदारी इसी लोकतांत्रिक अधिकार की आवाज बनेगी.
