धर्मशाला में CGHS वेलनेस सेंटर की सौगात, चार जिलों के एक लाख लाभार्थियों को मिलेगी स्वास्थ्य सुविधाएं
सुधीर शर्मा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का जताया आभार, कांग्रेस की दिल्ली रैली पर भी उठाए सवाल
राहुल चावला, धर्मशाला-:धर्मशाला और आसपास के जिलों में रहने वाले केंद्र सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिजनों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से धर्मशाला में केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) के तहत वेलनेस सेंटर खोलने की स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र के हजारों परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ हो गया है। धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने इस पहल के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस सेंटर के माध्यम से करीब एक लाख लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
सुधीर शर्मा ने बताया कि धर्मशाला में स्थापित होने वाला यह वेलनेस सेंटर कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर और ऊना जिलों के लाभार्थियों को ध्यान में रखकर स्वीकृत किया गया है। सेंटर के संचालन के लिए भवन भी संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को CGHS सुविधाओं के लिए अन्य स्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब धर्मशाला में सेंटर खुलने से उन्हें अपने क्षेत्र में ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।विधायक ने कहा कि CGHS योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थियों को निशुल्क दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके अलावा धर्मशाला और आसपास के सरकारी तथा निजी अस्पतालों को भी योजना के अंतर्गत इंपैनल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे लाभार्थियों को जरूरत पड़ने पर विभिन्न अस्पतालों में उपचार करवाने की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले अस्पतालों को योजना के साथ जोड़ने की प्रक्रिया में कई तरह की औपचारिकताओं और समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया है। इससे प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी तथा विशेष रूप से बुजुर्ग पेंशनर्स को राहत मिलेगी।
सुधीर शर्मा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र सरकार की अन्य पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि न्यू चंडीगढ़ स्थित होमी भाभा कैंसर रिसर्च सेंटर और संगरूर स्थित टाटा कैंसर रिसर्च सेंटर में भी केंद्र सरकार के पेंशनर्स को निशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही बच्चों को कैंसर संबंधी इलाज उपलब्ध करवाने के लिए भी इन संस्थानों में निशुल्क उपचार का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार आम लोगों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है और धर्मशाला में CGHS सेंटर खुलना इसी दिशा में बड़ी उपलब्धि साबित होगा।
कांग्रेस की रैली को लेकर साधा निशाना
स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दे पर केंद्र सरकार की सराहना करने के साथ ही सुधीर शर्मा ने दिल्ली में कांग्रेस की प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस खुद इस बात को लेकर स्पष्ट नहीं है कि वह रैली के माध्यम से देश को क्या संदेश देना चाहती है। उनके अनुसार, कांग्रेस का रुख लगातार बदल रहा है और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर पार्टी के बयान विरोधाभासी नजर आते हैं।उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने पहले इस प्रक्रिया को लागू करने की मांग उठाई थी, लेकिन जब इसे शुरू किया गया तो पार्टी ने इसका विरोध करना आरंभ कर दिया। इसी तरह फॉर्म नंबर छह को लेकर भी कांग्रेस की ओर से सवाल खड़े किए जा रहे हैं, जबकि यह फॉर्म पहले से चुनावी व्यवस्था का हिस्सा रहा है और कांग्रेस के शासनकाल में भी इसका इस्तेमाल होता रहा है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में मजबूत और जिम्मेदार विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विपक्ष को किसी भी मुद्दे पर अपना पक्ष रखने से पहले तथ्यों का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस गैर-जरूरी मुद्दों को तूल देकर देश में भ्रम और अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
मतदाता सूची में पारदर्शिता जरूरी : सुधीर शर्मा
मतदाता सूची के पुनरीक्षण का समर्थन करते हुए विधायक ने कहा कि चुनावी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए फर्जी वोटों, मृत व्यक्तियों के नाम और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं के नामों की पहचान कर उन्हें हटाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता का नाम केवल एक ही स्थान पर दर्ज होना चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे। इस संबंध में चुनाव आयोग की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत हलफनामा भी प्रस्तुत किया गया है।
रैली में भीड़ कम होने की आशंका से कांग्रेस पहले ही बना रही बहाने
हिमाचल से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली रैली में जाने से रोकने और भाजपा पर बाधाएं खड़ी करने के आरोपों पर भी सुधीर शर्मा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की अपनी सरकार है और भाजपा किसी भी कार्यकर्ता को दिल्ली जाने से नहीं रोक रही है। कांग्रेस अपनी रैली में जितने लोगों को बुलाना चाहती है, बुला सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से ऐसा कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है जिससे रैली में शामिल होने वाले लोगों को परेशानी हो।रैली के समय को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों पर उन्होंने कहा कि सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का समय पर्याप्त है। सामान्य तौर पर राजनीतिक रैलियां दो से तीन घंटे में संपन्न हो जाती हैं। ऐसे में समय को लेकर सवाल उठाना उचित नहीं है।
सुधीर शर्मा ने दावा किया कि कांग्रेस को पहले से ही आशंका है कि दिल्ली रैली में उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं जुट पाएगी। इसी कारण रैली आयोजित होने से पहले ही भाजपा पर आरोप लगाने शुरू कर दिए गए हैं, ताकि संभावित विफलता की जिम्मेदारी दूसरों पर डाली जा सके। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस इसी तरह बिना स्पष्ट रणनीति और ठोस मुद्दों के राजनीति करती रही तो आने वाले समय में उसका जनाधार और कमजोर हो सकता है।