नई दिल्ली | संसद के मॉनसून सत्र में सोमवार दोपहर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर हुई चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने साफ किया कि भारत ने यह सैन्य ऑपरेशन किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं, बल्कि अपने सभी रणनीतिक लक्ष्य पूरे कर लेने के बाद ही समाप्त किया था।
राजनाथ सिंह ने बताया कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह करना था, न कि पाकिस्तान से युद्ध छेड़ना। भारतीय सेनाओं ने केवल उन्हीं ठिकानों को निशाना बनाया, जो भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे।
“पाकिस्तान ने खुद DGMO के जरिए गुहार लगाई – महाराज अब रोकिए,” रक्षा मंत्री ने कहा। उन्होंने बताया कि जब 10 मई की सुबह भारतीय वायुसेना ने पाक एयरफील्ड्स पर कड़ा प्रहार किया, तब पाकिस्तान घबरा गया और युद्ध विराम की अपील की।
राजनाथ सिंह ने संसद में जोर देकर कहा कि भारत ने इस अपील को अस्थायी विराम के रूप में माना है। यदि भविष्य में किसी तरह की आतंकी हरकत हुई, तो ऑपरेशन फिर से शुरू करने में देर नहीं की जाएगी।
‘पाकिस्तान को करारी सैन्य और मानसिक हार’
रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान की सैन्य ताकत और मनोबल दोनों को झकझोर कर रख दिया। उन्होंने इसे भारतीय सेनाओं के शौर्य और रणनीतिक बढ़त का प्रतीक बताया। देश के 140 करोड़ लोगों ने भारतीय सेनाओं की ताकत को गर्व से देखा और महसूस किया।