नई दिल्ली | आम यात्रियों को राहत देते हुए भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में नॉन-एसी कोचों की संख्या में भारी इजाफा किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद को बताया कि वर्तमान में ट्रेनों में लगभग 70% डिब्बे गैर-वातानुकूलित (नॉन-एसी) हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 वर्षों में 17,000 अतिरिक्त नॉन-एसी कोच तैयार करने की योजना बनाई गई है।
रेल मंत्री ने जानकारी दी कि 2024-25 में 1,250 सामान्य डिब्बों को ट्रेनों में शामिल किया गया है, जिससे लंबी दूरी के सफर में आम लोगों को राहत मिली है। रेलवे का उद्देश्य गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के यात्रियों को सुविधाजनक व किफायती सफर उपलब्ध कराना है।
रेलवे द्वारा शुरू की गई ‘अमृत भारत’ ट्रेनों में भी नॉन-एसी श्रेणियों को शामिल किया गया है, जो बेहतर सुविधाएं व कम किराए के साथ यात्रा का नया अनुभव दे रही हैं। इन सेवाओं को और विस्तार देने के लिए 100 नई अमृत भारत ट्रेनों का उत्पादन किया जा रहा है।
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि नॉन-एसी डिब्बों की बढ़ती संख्या से इन डिब्बों में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। 2022-23 में 553 करोड़ से बढ़कर यह संख्या 2024-25 में 651 करोड़ तक पहुंच गई है।
सुरक्षा के लिहाज से भी रेलवे बड़ा कदम उठा चुका है। दिल्ली-मुंबई मार्ग के मथुरा-कोटा सेक्शन पर स्वदेशी तकनीक से विकसित ‘कवच 4.0’ सुरक्षा प्रणाली लागू कर दी गई है। इससे कोहरे जैसी खराब दृश्यता में भी ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित हो गया है।
रेल मंत्री ने कहा कि अगले 6 वर्षों में देश के सभी प्रमुख मार्गों पर ‘कवच’ तकनीक लगाई जाएगी, जिससे भारतीय रेलवे को विश्वस्तरीय सुरक्षा प्रणाली मिलेगी।