चंडीगढ़ | हरियाणा में निजी ऑपरेटरों द्वारा चलाई जा रही डिपो आधारित बसें अब सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रही हैं। इन निजी बसों का संचालन जानबूझकर हरियाणा रोडवेज की बसों से 5-10 मिनट पहले किया जा रहा है, जिससे सरकारी बसों को पर्याप्त सवारियां नहीं मिल पा रहीं। इस स्थिति से राज्य परिवहन को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
परिवहन मंत्री अनिल विज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। बुधवार को चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री ने बताया कि, “मेरे पास जानकारी आई है कि कई निजी बसों के रूट और टाइमिंग रोडवेज बसों से पहले तय कर दिए गए हैं, जिससे यात्रियों को पहले ही निजी बसें ले जा रही हैं।”
मंत्री ने कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निजी बसों के रूट और समय का गहन अध्ययन करें और यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी बसों को यात्रियों की कमी का सामना न करना पड़े।
परिवहन विभाग अब यह मूल्यांकन करेगा कि किस तरह से निजी बस ऑपरेटर सिस्टम का दुरुपयोग कर रहे हैं और उसके आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। विज ने कहा, “ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”