चंडीगढ़ | हरियाणा की जेलों में लगातार बढ़ते मोबाइल और नशा तस्करी के मामलों पर सरकार ने अब सख्त रुख अपनाया है। जेलों में बंद अपराधियों द्वारा मोबाइल फोन का इस्तेमाल और मादक पदार्थों की बरामदगी के मामलों में अब जिम्मेदार अफसर-कर्मचारियों की जांच सीधे स्टेट क्राइम ब्रांच की एसआईटी से कराई जाएगी।
बीते 6 महीने में राज्य की पांच जेलों से कुल 23 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 9 फोन कुरुक्षेत्र जेल से मिले, जबकि हिसार-1 से 5, फरीदाबाद से 4, करनाल और सिरसा से 1-1 मोबाइल जब्त किया गया। जेल महानिदेशक आलोक राय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो सख्त कार्रवाई तय है।
स्थानीय पुलिस पर उठे सवाल, जांच एसआईटी को सौंपने का फैसला
इन मामलों में स्थानीय पुलिस द्वारा पहले ही 21 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। लेकिन जांच की रफ्तार और निष्पक्षता पर सवाल उठने के बाद अब स्टेट क्राइम ब्रांच की एसआईटी को जांच सौंप दी गई है।
नशा तस्करी पर भी एक्शन तेज, अब तक 20 केस दर्ज, 20 गिरफ्तार
जेलों में मोबाइल के साथ-साथ नशा पहुंचाने के मामलों में भी सरकार ने कमर कस ली है। 20 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 20 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें दो जेल वार्डर भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा मामले करनाल और हिसार की जेलों से सामने आए हैं।
- करनाल जेल: 5 एफआईआर, 10 गिरफ्तार
- हिसार-1: 4 एफआईआर, 3 गिरफ्तार (1 वार्डर)
- फरीदाबाद: 4 एफआईआर, 4 गिरफ्तार
- गुरुग्राम: 2 एफआईआर, 8 गिरफ्तार (1 वार्डर)
गैंगस्टर काला राणा केस में भी गठित हुई विशेष टीम
यमुनानगर जेल में बंद गैंगस्टर काला राणा द्वारा मोबाइल के जरिए ट्रिपल मर्डर की साजिश रचने का मामला सामने आने के बाद अब यमुनानगर एसपी कमलदीप गोयल के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जेल के ही एक कर्मचारी ने काला राणा को मोबाइल फोन मुहैया करवाया था, जिससे वह बाहरी गैंग से संपर्क में था।