गुरदासपुर | लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ों से निकलने वाली नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ब्यास नदी में भी पानी इतना उफना है कि रविवार को धुस्सी बांध को पार कर पानी खेतों में घुस गया, जिससे कई जगह फसलें जलमग्न हो गईं। ब्यास नदी का यह क्षेत्र 2022 में भी बाढ़ का केंद्र रहा था, जब बांध के कुछ हिस्से टूट गए थे।
मौसम विभाग की चेतावनी है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रही, तो ब्यास नदी में जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे बाढ़ के हालात और गंभीर हो सकते हैं। खासकर चक्की नदी के पानी के मिलने से भी ब्यास नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है।
जगतपुर गांव के पास बड़ी संख्या में लोग बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए जमा हुए हैं। किसान नेता कंवलप्रीत सिंह काकी ने बताया कि उन्होंने डिप्टी कमिश्नर और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से बात कर पानी की टूटी मेन लाइन की मरम्मत का आश्वासन लिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभाग कार्रवाई नहीं करता, तो वे स्वयं टीम बनाकर यह काम करेंगे।
किसान नेता बलजिंदर सिंह ने 2023 की बाढ़ को याद दिलाते हुए कहा कि तब करोड़ों की फसलें और सड़कें- पुल क्षतिग्रस्त हुए थे। उन्होंने सरकार से तुरंत बाढ़ नियंत्रण के कड़े इंतजाम करने की मांग की। आम आदमी पार्टी के जिला नेता और मार्केट कमेटी चेयरमैन बलजीत सिंह खालसा ने भी प्रशासन से संपर्क जारी रखा है और पुल की मरम्मत के बिना गांव लौटने से इंकार किया है।
डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने बताया कि लोक निर्माण और ड्रेनेज विभाग के अधिकारी ड्यूटी पर तैनात हैं और पुल की मरम्मत तय समय में पूरी कर दी जाएगी। उन्होंने लोगों से घबराने की बजाय प्रशासन पर भरोसा रखने को कहा है और आश्वासन दिया कि बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी है।