बर्लिन | जर्मनी ने यूक्रेन को रूसी हमलों से बचाने के लिए 500 मिलियन डॉलर (लगभग 4,170 करोड़ रुपए) का सैन्य उपकरण और गोला-बारूद देने की घोषणा की है। यह मदद अमेरिका से खरीदे गए हथियारों के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी। नाटो प्रमुख मार्क रुटे ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम यूक्रेन को रूसी आक्रामकता से सुरक्षा में मदद करेगा।
जर्मनी के विदेश और रक्षा मंत्रालय के संयुक्त बयान में कहा गया कि यह सहायता विशेष रूप से “महत्वपूर्ण वायु रक्षा क्षमताओं” पर केंद्रित होगी, जो रूस के बढ़ते हवाई हमलों से मुकाबला करने में अहम हैं। मंत्रालय ने यह भी चेतावनी दी कि इन हमलों में यूक्रेन में नागरिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
इस बीच, नीदरलैंड और स्वीडन ने भी यूक्रेन के लिए बड़े पैमाने पर मदद देने की घोषणा की है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अलास्का में होने वाली शिखर वार्ता से पहले चेतावनी दी कि अगर युद्ध समाप्त करने पर कोई सहमति नहीं हुई, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बैठक में कहा कि पुतिन शांति का दिखावा कर रहे हैं और वार्ता से पहले मोर्चे पर दबाव बढ़ा रहे हैं। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने इस बैठक को “रचनात्मक और सकारात्मक” करार दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि जर्मनी और नाटो देशों की यह सैन्य मदद यूक्रेन की रक्षा क्षमता में तेजी लाएगी और रूस पर युद्धविराम के लिए दबाव बढ़ाएगी। युद्ध ने न केवल यूरोप की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित किया है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला पर भी असर डाला है।