24 August, 2025
अनुभवी भारतीय बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा ने रविवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी। सौराष्ट्र के इस खिलाड़ी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस बारे में जानकारी साझा की।
भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक “दीवार” की भूमिका निभाने वाले पुजारा ने 103 टेस्ट मैचों में 7,195 रन बनाए। इसमें उनके नाम 19 शतक और 43.60 की औसत दर्ज है। वे भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में आठवें सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बने।भारत के लिए उनका आख़िरी मैच 2023 में ओवल में खेला गया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल था।सफेद गेंद क्रिकेट में पुजारा को कभी ज्यादा मौके नहीं मिले। उन्होंने सिर्फ 5 वनडे मैच खेले और टीम का हिस्सा नहीं बन पाए।
सोशल मीडिया पर अपने विदाई संदेश में पुजारा ने लिखा –भारतीय जर्सी पहनना, राष्ट्रगान गाना और देश के लिए खेलना – यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा। लेकिन हर सफ़र का एक अंत होता है। आभार के साथ मैं क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले रहा हूं।”
पुजारा को अक्सर राहुल द्रविड़ के उत्तराधिकारी के रूप में देखा गया। उन्होंने लंबे समय तक भारत के लिए नंबर-3 पर बल्लेबाजी की और टीम को कई कठिन परिस्थितियों से बाहर निकाला।उनकी सबसे यादगार सीरीज़ 2018-19 की ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज़ रही, जहां उन्होंने 3 शतक जड़ते हुए 521 रन बनाए और भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई।इसके अलावा 2020-21 ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चोटिल उंगलियों के बावजूद उनकी जुझारू पारियां आज भी क्रिकेट प्रशंसकों को याद हैं। सिडनी और ब्रिस्बेन टेस्ट में उनकी हिम्मत और धैर्य ने भारत की जीत की नींव रखी।हाल ही में विराट कोहली, रोहित शर्मा और आर अश्विन जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों के संन्यास के बाद यह कदम किसी हद तक अनुमानित था। टीम प्रबंधन अब कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व में युवाओं को आगे लाने पर जोर दे रहा है।पुजारा ने हाल के दिनों में कमेंट्री की दुनिया में भी कदम रखा और वहां अपनी गहरी समझ से प्रशंसा बटोरी.