Chamba, Manjur
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में आयोजित मणिमहेश यात्रा इस बार खराब मौसम की वजह से तय समय से पहले रोकनी पड़ी। अधिकांश यात्री सुरक्षित लौट चुके हैं, लेकिन अब भी 600 से 700 लोग भरमौर में फंसे हुए हैं, जिनमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और मेडिकल स्टाफ भी शामिल हैं।
उपायुक्त चंबा मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि फंसे हुए लोगों को सड़क और हेलीकॉप्टर दोनों माध्यमों से सुरक्षित बाहर लाया जा रहा है। महिलाओं, बच्चों और असहाय लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। आज सुबह भी हेलीकॉप्टर के जरिए कई यात्रियों को सुरक्षित चंबा लाया गया।अब तक 16 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें से चार श्रद्धालुओं की मृत्यु हरसर से डल झील पैदल मार्ग पर हुई। इन शवों को वायु सेना के हेलीकॉप्टर से सीधे पठानकोट ले जाया गया, जहां से उन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा।
मौसम के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता प्रवेश ठाकुर ने बताया कि आवश्यक सामग्री हेलीकॉप्टर से भरमौर भेजी जा रही है। अधिकांश क्षेत्रों में बिजली बहाल हो चुकी है और शेष कार्य भी जल्द पूरा होगा।
भूस्खलन से चंबा-तीसा मार्ग बाधित, बहाली कार्य जारी
लगातार बारिश के चलते चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन से यातायात ठप हो गया है। मार्ग अवरुद्ध होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग मार्ग की बहाली में जुटा है। सहायक अभियंता संजीव कुमार अत्तरी ने बताया कि मशीनरी और कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं ताकि जल्द से जल्द सड़क को यातायात योग्य बनाया जा सके।