Mandi, Dharamveer
ग्राम पंचायत चांबी के जंगमबाग में 2 सितंबर को हुए भीषण भूस्खलन में सात लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को ग्रामीणों ने एसडीएम सुंदरनगर को ज्ञापन सौंपकर बीबीएमबी प्रबंधन को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया और प्रभावित परिवारों को राहत व पुनर्वास की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बीबीएमबी द्वारा क्षेत्र में खुदाई का कार्य नहीं किया जाता तो यह हादसा टल सकता था। ग्राम पंचायत चांबी के उप प्रधान आशीष रावत ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों ने बीबीएमबी को कई बार चेताया था, लेकिन उन्होंने अनदेखी कर कार्य जारी रखा, जिसके चलते यह त्रासदी हुई।ग्रामीणों ने ज्ञापन में मांग की है कि प्रभावित परिवार के बचे सदस्य को बीबीएमबी में नौकरी दी जाए, साथ ही घर बनाने के लिए जमीन, मुआवजा और अस्थाई तौर पर क्वार्टर की व्यवस्था की जाए।इसी बीच, ग्रामीणों ने एक और गंभीर मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि बिलासपुर का एक व्यक्ति हादसे के दिवंगतों की तस्वीरें और क्यूआर कोड सोशल मीडिया पर डालकर फर्जी तरीके से राहत राशि इकट्ठा कर रहा है। इस पर तुरंत कार्रवाई की मांग की गई है।
एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी ने कहा कि ग्रामीणों से प्राप्त शिकायत की जांच करवाई जाएगी। साथ ही बीबीएमबी से जुड़ी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि राहत राशि केवल प्रशासन और पंचायत के माध्यम से ही प्रदान करें ताकि प्रभावित परिवारों तक मदद सही तरीके से पहुंच सके।
गौरतलब है कि 2 सितंबर को हुए भूस्खलन में दो घर, एक वाहन और एक स्कूटी मलबे की चपेट में आ गए थे। हादसे में सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह प्राकृतिक नहीं बल्कि बीबीएमबी की लापरवाही से हुआ हादसा है।