Chamba, 7 Manjur
चंबा जिला में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। जगह-जगह भूस्खलन के चलते यातायात प्रभावित हो रहा है और अब इस आपदा की मार शीतला क्षेत्र के ऐतिहासिक झूला पुल पर भी पड़ गई है।
रावी नदी पर लोहे की रस्सियों से बना यह पुल दशकों से स्थानीय लोगों की जीवनरेखा रहा है। हालांकि इसके पास ही नया फ्लाईओवर पुल मौजूद है, फिर भी मंगला, शीतला और माई का बाग जैसे क्षेत्रों के लोग अब भी इस पुराने पुल पर निर्भर रहते हैं।भारी बारिश के कारण रावी नदी में जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। पुल की एक ओर की सुरक्षा दीवार गिर चुकी है और लोहे की रस्सियाँ भी टूटने की कगार पर हैं। यदि पुल धराशायी होता है तो न केवल लाखों का नुकसान होगा बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्थानीय लोगों की रोज़मर्रा की आवाजाही भी गंभीर रूप से प्रभावित होगी।
स्थानीय निवासियों का ये कहना
यह पुल हमारे लिए सिर्फ एक रास्ता नहीं है, यह हमारी यादों और जीवन का हिस्सा है। दुकानदारों की रोज़ी-रोटी इसी से जुड़ी है। अगर यह टूट गया तो हमारी आवाजाही रुक जाएगी और बच्चों की पढ़ाई से लेकर व्यापार तक सब प्रभावित होगा। हम प्रशासन से गुहार लगाते हैं कि इस पुल को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएँ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल नए बने फ्लाईओवर को भी अप्रत्यक्ष रूप से सुरक्षा प्रदान करता है, इसलिए इसे संरक्षित रखना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने सरकार से तत्काल मरम्मत और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम करने की मांग की है, ताकि आने वाले समय में कोई बड़ा हादसा टल सके।