चंडीगढ़। हरियाणा के किसानों और पशुपालकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने “स्वदेशी मवेशियों के संरक्षण और विकास तथा मुर्राह विकास योजना” की शुरुआत की है। यह योजना हरियाणा पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा लागू की जा रही है।
इस योजना का मकसद देशी गायों और भैंसों की बहुमूल्य नस्लों को संरक्षित करना और उनके उत्पादन में वृद्धि करना है। इसके जरिए किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले पशुओं के पालन-पोषण और प्रजनन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
योजना के प्रमुख उद्देश्य
- स्वदेशी नस्लों के जर्मप्लाज्म का संरक्षण और उन्नयन
- दूध उत्पादन और पशुओं की उत्पादकता बढ़ाना
- आने वाले पांच सालों में उच्च गुणवत्ता वाले देशी पशुओं की पहचान
- पशुओं का आनुवांशिक सुधार और कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देना
नकद प्रोत्साहन भी मिलेगा
योजना के तहत पशुपालकों को दूध उत्पादन के आधार पर नकद प्रोत्साहन दिया जाएगा। जिन मुर्राह भैंसों का दैनिक दूध उत्पादन 18 किलोग्राम से अधिक होगा, उन्हें टैग करके चिन्हित किया जाएगा। इनके मालिकों को ₹15,000 से ₹30,000 तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।