चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण को नई दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। करनाल में अत्याधुनिक क्रू ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो विमानन प्रशिक्षण और कौशल विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। यह पहल राज्य की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत हरियाणा को एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
सोमवार को नागरिक उड्डयन आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी. कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में जानकारी दी गई कि करनाल के अलावा हिसार का इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) देश का बड़ा एयरोस्पेस और रक्षा हब बनाया जाएगा। इस परियोजना को हरियाणा एयरोस्पेस एंड डिफेंस कॉर्पोरेशन (HADC) और नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ट्रस्ट (NICDCT) मिलकर विकसित करेंगे। HADC की हिस्सेदारी 51% और NICDCT की 49% होगी। लगभग 2,988 एकड़ भूमि पर बनने वाली इस परियोजना की लागत 4,680 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा।
पहले चरण की शुरुआत
पहले चरण में करीब 980 एकड़ भूमि पर औद्योगिक इकाइयों का विकास होगा, जबकि शेष भूमि पर सड़क नेटवर्क, हरित क्षेत्र और यूटिलिटी ढांचा तैयार किया जाएगा। अब तक 937 एकड़ भूमि को पर्यावरणीय मंजूरी मिल चुकी है और दिसंबर 2025 तक शेष भूमि के लिए भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
25 हजार रोजगार के अवसर
अमनीत पी. कुमार ने बताया कि नई एयरोस्पेस और डिफेंस पॉलिसी का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश आकर्षित करना है। इस परियोजना से लगभग 25,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही राज्य में उत्कृष्टता केंद्र, अनुसंधान इकाइयां और स्किल डेवलपमेंट संस्थान भी स्थापित किए जाएंगे।