नई दिल्ली | रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद बुधवार (10 सितंबर) को सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1,09,007 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा। वहीं, चांदी की रफ्तार जारी रही और यह 0.47 फीसदी की बढ़त के साथ 1,25,050 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है।
दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना 5,080 रुपये की छलांग लगाकर अब तक के उच्चतम स्तर 1,12,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। सोमवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,07,670 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी भी इस दौरान 2,800 रुपये उछलकर रिकॉर्ड 1,28,800 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) पर पहुंच गई। पिछली कारोबारी सत्र में यह 1,26,000 रुपये पर बंद हुई थी।
क्यों बढ़ रही है सोने की कीमत?
विशेषज्ञों के अनुसार, हाल ही में सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई अहम कारण हैं:
- वैश्विक अनिश्चितता: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ प्लान और व्यापार युद्ध की आशंकाओं से निवेशक सोने को सुरक्षित ठिकाना मान रहे हैं।
- केंद्रीय बैंकों की खरीद: चीन और रूस जैसे देश बड़ी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं, जिससे मांग लगातार बढ़ रही है।
- युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव: रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, जिससे निवेशक सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
- महंगाई और ब्याज दरें: मुद्रास्फीति की आशंका और फेडरल रिजर्व की कम ब्याज दरों ने सोने को आकर्षक निवेश बना दिया है।
- रुपये की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट भी सोने की कीमतों को ऊपर धकेल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि वैश्विक अस्थिरता और घरेलू मुद्रा पर दबाव जारी रहा, तो सोने और चांदी दोनों के दामों में और उछाल देखने को मिल सकता है।