Mandi, Dharamveer
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हिमाचल दौरे के दौरान मुलाकात के उपरांत मंडी जिले के जेल रोड की आपदा प्रभावित 71 वर्षीय कृष्णा देवी ने सरकार से अपनी छोटी बहू के लिए सरकारी नौकरी की मांग उठाई है। कृष्णा देवी का कहना है कि भीषण फ्लैश फ्लड ने उनके हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है।
29 जुलाई की रात आई इस आपदा में कृष्णा देवी के छोटे बेटे बलवीर सिंह, पोते अमनप्रीत सिंह और बड़ी बहू सपना की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसे के वक्त परिवार के सदस्य नाले के ऊपर बनी सड़क से अपने वाहन हटाने की कोशिश कर रहे थे, तभी अचानक आए तेज़ बहाव ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। वहीं बड़ा बेटा दर्शन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी दोनों टांगें इस हादसे में चली गईं। वह फिलहाल एम्स बिलासपुर में उपचाराधीन है।
फ्लैश फ्लड से टूटे परिवार का सहारा बनी छोटी बहू
कृष्णा देवी ने बताया कि घर में अब कोई कमाने वाला नहीं बचा है। ऐसे हालात में परिवार की सारी जिम्मेदारियां छोटी बहू कुलदीप कौर पर आ गई हैं। कुलदीप कौर के तीन बच्चे हैं जो इस समय कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। कृष्णा देवी का कहना है कि यदि सरकार उनकी बहू को नौकरी उपलब्ध कराती है, तो परिवार की आधे से ज्यादा चिंताएं कम हो जाएंगी।बीते रोज जब कृष्णा देवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपनी आपबीती सुनाई, तो वह भी कुछ देर के लिए भावुक हो उठे। प्रधानमंत्री ने इस दौरान सभी आपदा प्रभावितों से आत्मीयता से बातचीत की और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
घर में कमाने वाला कोई नहीं बचा
गौरतलब है कि हिमाचल दौरे पर आए प्रधानमंत्री ने राज्य को आपदा से उबारने के लिए 1500 करोड़ रुपये की फौरी राहत देने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने मंडी जिले के पांच प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, जिनमें कृष्णा देवी का परिवार भी शामिल था। वहीं, इस आपदा में अपने पूरे परिवार को खो चुकी 11 माह की नन्ही नितिका से भी प्रधानमंत्री मिले।