नई दिल्ली | भारत और अमेरिका ने हालिया तनावों को पीछे छोड़ते हुए पारस्परिक हितों को ध्यान में रखकर व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। यह निर्णय दोनों देशों के शीर्ष वार्ताकारों के बीच राजधानी दिल्ली में सात घंटे चली लंबी बैठक के बाद लिया गया।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूएसटीआर (दक्षिण व मध्य एशिया) के ब्रेंडन लिंच ने किया, जबकि भारतीय पक्ष से वाणिज्य मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने वार्ता की। मंत्रालय ने कहा कि बैठक में द्विपक्षीय व्यापार की स्थायी महत्ता को ध्यान में रखते हुए कई मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब अमेरिका ने हाल ही में भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाया था, जिसके चलते अगस्त में प्रस्तावित बातचीत टल गई थी। अब इस मुलाकात से छठे दौर की वार्ता का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि, अगली बैठक की तारीख तय नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच सोशल मीडिया पर हुए हालिया सकारात्मक संवाद ने भी चर्चा का माहौल सहज बनाया है। दोनों नेताओं का लक्ष्य फरवरी 2025 तक समझौते के पहले चरण को पूरा करने का है।
उद्योग जगत का मानना है कि अमेरिका इस बार भारत के साथ समझौते को लेकर गंभीर है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के अजय श्रीवास्तव ने कहा कि अमेरिका समझौते के प्रति उत्सुक है, भले ही कभी-कभी उसके अधिकारी भारत पर सख्त बयान देते हों।