लुधियाना | फिरोजपुर पंचायत समिति में 1.80 करोड़ रुपये के कथित डिजिटल घोटाले का मामला सामने आया है। पंचायत विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी सुखपाल सिंह गिल ने रविवार को प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि इस घोटाले के संबंध में उन्होंने पहले ही विभागीय उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत दी थी।
गिल के अनुसार, मामले की प्रारंभिक जांच के दौरान पंचायत विभाग के डिवीजनल डिप्टी डायरेक्टर ने ए.डी.सी. (डिप्टी डायरेक्टर, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग) अरुण शर्मा के खिलाफ कथित मिलावट की आशंका जताई और मामले को पुलिस जांच के लिए सौंपने की सिफारिश की।
सुखपाल गिल ने आरोप लगाया कि अधिकारी द्वारा डिजिटल पेमैंट सिस्टम में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि डाटा ऑपरेटर जसवीर कौर के मोबाइल नंबर को नियमों के विपरीत पंचायत पोर्टल पर रजिस्टर किया गया। इस प्रक्रिया के तहत कथित तौर पर 2 फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर बनाए गए और 1.80 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई।
जांच के बाद पुलिस ने थाना सिटी, फिरोजपुर में एफ.आई.आर. दर्ज की, जिसमें कई डाटा एंट्री ऑपरेटर, बी.डी.पी.ओ. किरण दीप कौर और चेयरपर्सन जसविंदर कौर को नामजद किया गया है। वहीं, कथित मास्टरमाइंड ए.डी.सी. अरुण शर्मा के खिलाफ अभी तक कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
गिल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंचायत मंत्री तरनप्रीत सिंह सौंध से मांग की है कि अरुण शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विजिलेंस ब्यूरो या ईडी से जांच करवाई जाए। मामले में जब अरुण शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।