बलरामपुर, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में चल रहे अवैध धर्मांतरण रैकेट के मामले में एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ते) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। ATS ने इस केस में जमालुद्दीन उर्फ छांगुर और उसके 5 साथियों के खिलाफ लखनऊ की एनआईए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में जिनके नाम शामिल हैं: जमालुद्दीन उर्फ छांगुर, नीतू उर्फ नसरीन (महिला सहयोगी), राजेश उपाध्याय (CJM कोर्ट कर्मचारी), रशीद, सबरोज और शहाबुद्दीन।
आरोपों का विवरण
इन सभी आरोपियों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- अवैध धर्मांतरण करना
- आपराधिक साजिश रचना
- विदेशों से फंडिंग लेना
- SC/ST एक्ट का उल्लंघन
- गैरकानूनी तरीके से जमीन और संपत्ति खरीदना
विदेश से फंडिंग और संपत्ति का अधिग्रहण
ATS की जांच में सामने आया कि छांगुर और उसकी टीम ने विदेशों से मोटी रकम मंगवाई और बलरामपुर व आसपास के क्षेत्रों में करोड़ों की संपत्तियां खरीदीं। इस काम में उसकी सहयोगी नीतू, उसका पति नवीन और छांगुर का बेटा महबूब भी शामिल थे। नवीन और महबूब के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अब तक कुल 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लग चुकी है।
लड़कियों को बनाता था टारगेट
ATS की रिपोर्ट के अनुसार, छांगुर का उद्देश्य धर्मांतरण के जरिए इस्लामिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था। इसके लिए वह विशेष रूप से हिंदू और सिख समुदाय की लड़कियों को टारगेट करता था और धर्म बदलवाने के बदले लाखों रुपए देता था। उसका इरादा एक बड़ी इमारत में आतंकी ट्रेनिंग सेंटर खोलने का था, जहां शरिया कानून लागू करने की योजना थी।
CJM कोर्ट कर्मचारी भी आरोपी
CJM कोर्ट में कार्यरत राजेश उपाध्याय पर आरोप है कि उसने छांगुर की जमीन और संपत्ति खरीदने में मदद की और अपनी सरकारी पहुंच का गलत इस्तेमाल किया।
अदालत में सुनवाई जल्द
ATS ने चार्जशीट दो दिन पहले लखनऊ की एनआईए कोर्ट में दाखिल की है, हालांकि कोर्ट ने अभी तक इसका औपचारिक संज्ञान नहीं लिया है। सभी आरोपी गिरफ्तार होकर जेल में बंद हैं।