मंडी | मंडी जिला के नेरचौक स्थित अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी में थीसिस जमा करने की प्रक्रिया अब ऑनलाइन कर दी गई है। यह यूनिवर्सिटी के प्रशिक्षुओं और शोधार्थियों की सुविधा के लिए एक बड़ा कदम है। अब प्रशिक्षुओं को अपनी थीसिस की केवल एक या दो हार्ड कॉपी ही जमा करनी होगी। इससे यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के धन और समय की बचत के साथ-साथ मूल्यांकन प्रक्रिया को भी तेज और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी के चांसलर डा. सुरेंद्र कश्यप ने बताया कि शोधार्थियों को अपनी थीसिस यूनिवर्सिटी के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। थीसिस अपलोड करने के बाद पोर्टल पर उसे लॉक कर दिया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या बदलाव न हो सके। इसके बाद थीसिस को सीधे बाहरी मूल्यांकनकर्ताओं को ऑनलाइन भेजा जाएगा।
डा. सुरेंद्र कश्यप, कुलपति, अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी
डा. सुरेंद्र कश्यप ने बताया कि हर थीसिस के लिए दो मूल्यांकनकर्ताओं को चयनित किया जाएगा। यह मूल्यांकनकर्ता कौन होंगे, यह किसी को पता नहीं चलेगा। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ अपनाई जाएगी। उन्हें यूनिवर्सिटी की ओर से एक यूनिक पासवर्ड प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से थीसिस को एक्सेस कर जांच कर सकेंगे। मूल्यांकन पूरा होने के बाद परीक्षक अपने अवलोकन और परिणाम भी ऑनलाइन ही दर्ज करेंगे। इस प्रकार पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी।
डा. सुरेंद्र कश्यप, कुलपति, अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी
बता दें कि इससे पहले विद्यार्थियों को अपनी थीसिस की चार से पांच हार्ड कॉपियां छपवाकर जमा करनी पड़ती थीं। छपाई और बाइंडिंग में भारी खर्च होता था और कई बार कॉपियां जांचकर्ताओं तक पहुंचने में लंबा समय लग जाता था। अब नई व्यवस्था लागू होने से यह समस्या खत्म हो जाएगी। केवल रिकॉर्ड के लिए ही यूनिवर्सिटी को एक या दो कॉपियां जमा करवानी होंगी। हर साल सैकड़ों शोधार्थी इस कदम से लाभान्वित होंगे।