17 October, 2025
दिवाली का पर्व न केवल रोशनी और खुशियों का प्रतीक है, बल्कि यह आस्था और श्रद्धा का महापर्व भी है। इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि जो भक्त इस दिन पूरी निष्ठा से पूजा करते हैं, उनके घर में धन, वैभव और सुख-समृद्धि का वास होता है।
मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का महत्व
- माता लक्ष्मी धन, संपत्ति और समृद्धि की देवी मानी जाती हैं। उनके आशीर्वाद से जीवन में आर्थिक स्थिरता, वैभव और खुशहाली आती है।
- भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक और बाधाओं को दूर करने वाले देवता कहा गया है। इसलिए किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा की जाती है।
दिवाली की रात इन दोनों देवताओं की संयुक्त आराधना से घर में सुख, सौभाग्य और शांति का संचार होता है।
- पूजा विधि और सामग्री
दिवाली की शाम शुभ मुहूर्त में घर को साफ-सुथरा कर दीपों और फूलों से सजाएं। पूजा के समय माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियों को पूजन स्थल पर विराजित करें।
पूजन के लिए ये सामग्री अवश्य रखें –
- फल, फूल, धूप, दीप, हल्दी, चावल
- बताशे, सिंदूर, कुमकुम, अबीर-गुलाल
- सुगंधित द्रव्य, नैवेद्य (मिठाई या भोग)
इसके बाद लक्ष्मी चालीसा, लक्ष्मी स्तोत्र और गणेश मंत्र का पाठ करें।पूजा पूर्ण होने पर आरती करें और परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद वितरित करें।
आध्यात्मिक संदेश
दिवाली सिर्फ रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। इस दिन जब दीप जलाएं, तो अपने मन के अंधकार — जैसे क्रोध, लोभ, ईर्ष्या — को भी मिटाने का संकल्प लें।
मां लक्ष्मी और गणेश जी का आशीर्वाद आपके जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता लेकर आए।