Shimla, Sanju
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने दिल्ली दौरे से हिमाचल लौट आए हैं। दिल्ली से वापसी के बाद मुख्यमंत्री ने शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का नाम पार्टी हाईकमान तय करेगा और जब इस संबंध में निर्णय हो जाएगा तो इसकी आधिकारिक जानकारी मीडिया को दे दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के राजनीतिक विषयों पर अनावश्यक अटकलें लगाने से परहेज़ करना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि पार्टी संगठन और सरकार दोनों अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूरी तरह सक्रिय हैं।मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस दौरान एचआरटीसी कर्मचारियों और राज्य पेंशनरों से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कदम उठा रही है। सुक्खू ने बताया कि पिछली सरकार को आरडीजी ग्रांट का अतिरिक्त पैसा मिला था, लेकिन देनदारियों का भुगतान नहीं किया गया। वर्तमान सरकार ने वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों की देनदारियां चुकता कर दी हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने दिवाली से पहले कर्मचारियों और पेंशनरों को 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) देने की घोषणा की है। साथ ही अप्रैल से सितंबर माह तक का एरियर भी दिवाली से पहले खातों में जमा कर दिया जाएगा।
एचआरटीसी पेंशनरों के प्रदर्शन पर बोलते हुए सुक्खू ने कहा कि सरकार उनकी समस्याओं को समझ रही है, लेकिन निगम को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सरकार हर साल एचआरटीसी को 57 करोड़ रुपये की ग्रांट देती है। इसके अलावा इस बार दिवाली के अवसर पर 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त ग्रांट भी देने का निर्णय लिया गया है।
वहीं, आपदा राहत कार्यों पर विपक्ष के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार आपदा प्रभावितों तक सहायता पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि घर गंवाने वाले लोगों को 7 लाख रुपये और सामान के नुकसान पर 70 हजार रुपये अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 1,500 करोड़ रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई थी, लेकिन अभी तक यह राशि प्रदेश को प्राप्त नहीं हुई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि केंद्र सरकार से यह सहायता नहीं मिलती है, तो प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से आपदा प्रभावितों की मदद सुनिश्चित करेगी।