लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कड़ा हमला बोला है। गोरखपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि अखिलेश यादव न केवल “राम विरोधी” हैं, बल्कि “कृष्ण विरोधी” भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख भारतीय संस्कृति और परंपराओं को शर्मसार करने वाले बयान दे रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि अखिलेश यादव प्रजापति (कुम्हार) समाज का दर्द समझते, तो वह ऐसा “बचकाना और गैर-जिम्मेदाराना बयान” नहीं देते। योगी ने तंज कसते हुए कहा, “गद्दी तो मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं। इसके लिए प्रयास करने पड़ते हैं। कुछ लोगों का बचपना उम्र भर नहीं जाता।”
दीपावली पर बयान को लेकर विवाद
मुख्यमंत्री योगी ने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को दीपावली और भारतीय त्योहारों से आपत्ति है। उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव ने कहा कि दीये क्यों जलाने चाहिए? यानी उन्हें दीपावली से नफरत है। पहले लगता था कि उन्हें रामजन्मभूमि और हिंदू तीर्थस्थलों से दिक्कत है, अब पता चला कि उन्हें भारतीय परंपराओं से भी समस्या है।”
योगी ने कहा कि अखिलेश यादव ने पहले भी ब्रज तीर्थ विकास परिषद का विरोध किया था और सैफई में ‘दुर्योधन की प्रतिमा’ लगाने की बात कही थी। उन्होंने कहा, “कंस और दुर्योधन आपको प्रिय हैं तो लगाइए, लेकिन हम मथुरा-वृंदावन को सजाएंगे क्योंकि यह हमारी आस्था का केंद्र है।”
“राम और कृष्ण का विरोध नई बात नहीं”
योगी ने कांग्रेस का नाम लेते हुए कहा कि कांग्रेस ने भी भगवान राम और कृष्ण को नकारने की कोशिश की थी। आज दुनिया भर से श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “सनातन परंपरा और आस्था पर हमला करने वाले लोग अब राजनीति में भी इसे मुद्दा बना रहे हैं।”
अखिलेश का पलटवार – दीपावली खर्च पर सवाल
अखिलेश यादव ने हाल ही में दीपोत्सव समारोह में सरकारी खर्च पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था: “दीयों और मोमबत्तियों पर बार-बार इतना खर्च क्यों? विदेशी शहर क्रिसमस पर महीनों जगमगाते हैं, उनसे सीखना चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि 2027 तक अगर सपा की सरकार बनी तो प्रजापति समाज के दीये खरीदे जाएंगे ताकि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। उनका कहना था कि भाजपा सरकार दीपोत्सव के ठेके बाहरी राज्यों को देकर उत्तर प्रदेश के कुम्हार समुदाय के साथ अन्याय कर रही है। “दीया भी यूपी का हो, बाती भी, तेल भी और रोशनी भी — तभी दीपावली का मतलब है,” अखिलेश ने कहा।