पानीपत | ओलिंपिक गोल्ड मेडल विजेता और भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद पद प्राप्त हुआ है। उन्हें यह प्रतिष्ठित उपाधि बुधवार को एक औपचारिक समारोह में दी गई, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान नीरज सेना की वर्दी में नजर आए और उन्हें नई रैंक प्रदान की गई। इससे पहले वे सेना में सूबेदार मेजर के पद पर कार्यरत थे।
सेना में नीरज चोपड़ा का सफर
नीरज ने भारतीय सेना में अपनी यात्रा 26 अगस्त 2016 को नायब सूबेदार के रूप में शुरू की थी। इसके बाद उन्हें 2021 में सूबेदार और 2022 में सूबेदार मेजर के पद पर पदोन्नति मिली। टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद, सेना ने उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM) से सम्मानित किया। उनके उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के लिए उन्हें अर्जुन अवॉर्ड और राजीव गांधी खेल रत्न (पूर्व मेजर ध्यानचंद खेल रत्न) भी मिल चुके हैं।
ओलंपिक में भारत का गौरव
नीरज चोपड़ा हरियाणा के पानीपत जिले के खंडरा गांव के निवासी हैं। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2020 में स्वर्ण पदक और हाल ही में संपन्न पेरिस ओलंपिक 2024 में रजत पदक जीता। वह भारत के पहले एथलीट हैं जिन्होंने ट्रैक और फील्ड इवेंट में ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता।
धोनी के बाद दूसरे खिलाड़ी
नीरज चोपड़ा से पहले, वर्ष 2011 में महेंद्र सिंह धोनी को प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक दी गई थी। नीरज इस प्रतिष्ठित उपाधि को पाने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
राष्ट्रपति की मंजूरी
इस वर्ष मई 2025 में रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग ने अधिसूचना जारी करते हुए नीरज को लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि देने की घोषणा की थी। अधिसूचना के अनुसार, “प्रादेशिक सेना विनियम, 1948 के पैरा-31 के तहत, राष्ट्रपति भारत, नीरज चोपड़ा को 16 अप्रैल 2025 से प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि प्रदान करती हैं।”