करनाल | केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने युवाओं से अपील की है कि वे विदेश जाने के लिए किसी भी प्रकार के अवैध मार्ग, विशेषकर डंकी रूट का सहारा न लें। उन्होंने कहा कि हर देश की अपनी कानूनी व्यवस्था और आव्रजन संबंधी नियम होते हैं, जिनके उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई होना स्वाभाविक है। इसलिए युवाओं को वैध प्रक्रिया अपनाते हुए ही विदेश रोजगार या शिक्षा के लिए प्रयास करना चाहिए।
खट्टर ने कहा कि सरकार युवाओं को कानूनी तरीके से विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्लेसमेंट कार्यक्रम चला रही है। उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी कहा था और दोबारा कह रहा हूं—अवैध तरीके से विदेश जाना युवाओं के भविष्य को जोखिम में डालने जैसा है। भारत भी अपने यहां अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को वापस भेजता है।”
अमेरिका से 50 हरियाणवी नागरिक लौटाए गए
अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हरियाणा के 50 युवाओं को हाल ही में निर्वासित किया गया है। इनमें सबसे अधिक करनाल के 16 और कैथल के 14 युवक शामिल हैं। इसके अलावा कुरुक्षेत्र और अंबाला के 5-5, यमुनानगर के 4, जींद के 3, जबकि रोहतक और पानीपत के 1-1 युवक को डिपोर्ट किया गया है।
शनिवार देर शाम ये सभी युवक एक विशेष विमान से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे। यहां से उन्हें संबंधित जिलों की पुलिस के हवाले किया गया।
जनवरी से जुलाई तक 604 युवक डिपोर्ट
आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जुलाई 2025 के बीच अब तक हरियाणा के 604 युवाओं को अमेरिका से डिपोर्ट किया जा चुका है। सूत्र यह भी बताते हैं कि तीन नवंबर को एक और जत्था भारत लौट सकता है, जिसके दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में प्रवास नियम और अधिक सख्त किए गए हैं, जिसके चलते अवैध रूप से रहने वालों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई हो रही है।