Shimla, Sanju
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा है कि धारा 118 में किसी भी तरह की छेड़छाड़ या संशोधन नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना विधानसभा की मंजूरी के इस धारा में बदलाव संभव ही नहीं है।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि विधानसभा में किया गया पिछला संशोधन केवल धार्मिक संस्थाओं को सेलिंग एक्ट से बाहर रखने के लिए था, ताकि वे धार्मिक उद्देश्यों के लिए भूमि का उपयोग कर सकें। उस समय विपक्ष ने न कोई आपत्ति जताई थी और न ही विरोध किया था।अब वही विपक्ष जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है।उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता असंतुलित बयान दे रहे हैं, क्योंकि भाजपा में नेतृत्व संकट की स्थिति है।
आपदा राहत: हर प्रभावित को सहायता, कोई बेघर नहीं
राजस्व मंत्री ने बताया कि आपदा प्रभावित किसी भी व्यक्ति को अब बेघर नहीं रहना पड़ रहा। राज्य सरकार ने सभी के लिए ठहरने की व्यवस्था की है।जो लोग किराए के मकानों में रह रहे हैं, उन्हें ₹5000 प्रतिमाह किराया सहायता दी जा रही है।उन्होंने बताया कि 1800 से अधिक मकान पूरी तरह नष्ट,8000 से अधिक मकानों को आंशिक नुकसान पहुँचा है।सरकार ने इसके लिए स्पेशल पैकेज 2023 लागू किया है, जिसके तहत —
- पूरी तरह नष्ट मकानों को ₹7 लाख,
- आंशिक क्षति वाले मकानों को ₹1 लाख,
- छोटे व्यापारिक नुकसान पर ₹1 लाख की सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आगामी 1 नवंबर को मंडी और कुल्लू में राहत वितरण कार्यक्रमों में भाग लेंगे और प्रभावितों को पहली किस्त के रूप में ₹4 लाख की राशि दी जाएगी।नेगी ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार से घोषित ₹1500 करोड़ की राहत राशि अब तक नहीं मिली है, लेकिन राज्य सरकार अपने संसाधनों से सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
वन भूमि पर कब्जे का मुद्दा — वन अधिकार अधिनियम” के तहत ही वैधता
नेगी ने कहा कि वन भूमि पर किसी को भी मनमाने तरीके से कब्जे की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वन अधिकार केवल “वन अधिकार अधिनियम, 2006” के तहत ही मिल सकते हैं।इस कानून के अनुसार 13 दिसंबर 2005 से पहले जो लोग जंगलों या बंद भूमि पर रह रहे थे और जिनकी पुष्टि ग्राम सभा व दो बुजुर्गों द्वारा की जाती है, उन्हें ही उस भूमि पर अधिकार दिया जा सकता है।उन्होंने बताया कि किन्नौर में 600 से अधिक,लाहौल-स्पीति और भरमौर में सैकड़ों पात्र परिवारों को अब तक भूमि अधिकार दिए जा चुके हैं।सेब फसल पर विपक्ष के आरोप बेबुनियाद: एचपीएमसी ने खरीदा एक लाख मीट्रिक टन से अधिक सेब
सेब फसल के निस्तारण को लेकर विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि एचपीएमसी ने इस बार एक लाख मीट्रिक टन से अधिक सेब की खरीद की है।सड़क मार्ग बाधित होने के कारण कुछ स्थानों पर सेब अस्थायी रूप से सड़क किनारे रखे गए,लेकिन उन्हें नालों में नहीं फेंका गया।उन्होंने कहा कि एसडीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने खराब सेबों को नष्ट करने और जूस योग्य सेबों के उपयोग के लिए विशेष योजना तैयार की।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी का बयान:
धारा 118 में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है। विपक्ष जनता को भ्रमित कर रहा है। प्रदेश सरकार ने हर प्रभावित को राहत दी है और कोई भी बेघर नहीं है।